इसे सिटी ब्यूटीफुल नहीं, वाटरफुल कहिए जनाब!
Thu, 03 Jul 2014 10:09 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
तस्वीरों में देखिये जनाब, मानसून की पहली बारिश शहर के लिए कैसे बनी मुसीबत कि सिटी ब्यूटीफुल बन गया वाटरफुल।
इसे सिटी ब्यूटीफुल नहीं, वाटरफुल कहिए जनाब!
बुधवार के दिन की शुरूआत काली घनघोर घटा और मदमस्त कर देने वाले सुहावने मौसम के साथ हुई।
इसे सिटी ब्यूटीफुल नहीं, वाटरफुल कहिए जनाब!
सुहाने मौसम के बाद शुरू हुआ बारिश का दौर। सुबह-सुबह बारिश ने लोगों को काफी परेशान किया। बच्चों को स्कूल जाने में काफी दिक्कतें उठानी पड़ीं।
इसे सिटी ब्यूटीफुल नहीं, वाटरफुल कहिए जनाब!
बारिश तीन-चार घंटे तक होती रही। लोगों को स्कूल, कॉलेज, कार्यालयों तक भीगते-भीगते जाना पड़ा, जबकि बारिश का मौसम एन्जॉय करने वाला था।
इसे सिटी ब्यूटीफुल नहीं, वाटरफुल कहिए जनाब!
कई सेक्टरों में राउंड अबाउट्स पर बारिश के कारण हालात ऐसे बन गए कि लंबा जाम लग गया, जिस कारण लोगों को गंतव्य स्थल तक पहुंचने में देर भी हो गई।
इसे सिटी ब्यूटीफुल नहीं, वाटरफुल कहिए जनाब!
फिर शुरू हुई तेज घनघोर बारिश, करीब 3-4 घंटे होती रही और रिजल्ट रहा सड़कों पर घुटनों तक पानी का जमाव। देखिये ये तस्वीर-
इसे सिटी ब्यूटीफुल नहीं, वाटरफुल कहिए जनाब!
ये हाल हैं सीटीयू वर्कशॉप के पास बने पुल के, जिस पर बारिश का पानी इतना जमा हो गया कि गाड़ी के डूबने वाले हालात हो गए।
इसे सिटी ब्यूटीफुल नहीं, वाटरफुल कहिए जनाब!
ये हालात है बलटाना रोड पर चंडीगढ़ आने के लिए बने नए हाइवे के, जहां सड़क पर जमे बारिश के पानी में छोटी कार डूब ही गई।
इसे सिटी ब्यूटीफुल नहीं, वाटरफुल कहिए जनाब!
ये तस्वीर है 37-38-40-41 के राउंड अबाउट कि जहां लोगों के घुटनों तक सड़क पर पानी जमा हो गया।
इसे सिटी ब्यूटीफुल नहीं, वाटरफुल कहिए जनाब!
मानसून की पहली बारिश आफत इतनी बनी कि घरों के अंदर सड़क पर जमा पानी घुस गया।
इसे सिटी ब्यूटीफुल नहीं, वाटरफुल कहिए जनाब!
ये तो थे सड़कों और घरों के हाल, बारिश ने तो पीयू कैम्पस के हाल भी बेहाल कर दिये। ये तस्वीर, पीयू के फाइन आर्ट्स डिपाटमेंट की है।
इसे सिटी ब्यूटीफुल नहीं, वाटरफुल कहिए जनाब!
बारिश का कहर इतना कि कम्पयूटर लैब तक में पानी घुस गया।
इसे सिटी ब्यूटीफुल नहीं, वाटरफुल कहिए जनाब!
बेचारे डिपार्टमेंट हेड के ऑफिस तक में बारिश के पानी में तूफान मचा दिया। मुसीबत इतनी कि डिपार्टमेंट हेड को घर वापिस जाना पड़ा।
इसे सिटी ब्यूटीफुल नहीं, वाटरफुल कहिए जनाब!
3-4 घंटे बरसने के बाद बदरा तो शांत हो गए। सड़कों के हाल बेहाल कर गए, साथ में गुल कर गए बिजली। पीयू गर्ल्स होस्टल में बेचारी लड़कियों को सड़क पर मोमबत्तियां जलाकर रात गुजारनी पड़ी। लाइट थी नहीं और कमरों में गर्मी, मच्छर थे।