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सावधान : डेंगू से भी ग्रस्त मिले कोरोना के मरीज, डॉक्टरों की बढ़ी चिंता, जानें- लक्षण, कैसे रखें ध्यान

Mon, 26 Oct 2020 09:49 AM IST
ajay kumar वीणा तिवारी, अमर उजाला, चंडीगढ़
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सांकेतिक तस्वीर।
कोरोना महामारी के इस दौर में अब डेंगू का खतरा भी तेजी से बढ़ने लगा है। चंडीगढ़ में अक्तूबर के 24 दिनों में डेंगू के 54 मरीज सामने आ चुके हैं। जबकि अब तक के कुल मरीजों की संख्या 86 है। महज 24 दिनों में आधे से ज्यादा मरीज मिले हैं जो खतरे की तरफ संकेत कर रहा है। ऐसी स्थिति में कोरोना के साथ ही डेंगू से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala
मलेरिया विभाग की ओर से लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाने के साथ ही मानकों की अनदेखी करने वालों पर कार्रवाई की जा रही है। जीएमसीएच-16 में अब तक ऐसे 3-4 ऐसे मरीज भी आ चुके हैं, जो कोरोना पॉजिटिव होने के साथ साथ डेंगू से भी गस्त हैं। ऐसे में डॉक्टरों को इनके इलाज करने में चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। 
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कोविड में हल्का और डेंगू में होता है तेज बुखार : डॉ. मनीष

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सांकेतिक तस्वीर।
जीएमएसएच- 16 के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. वीके नागपाल ने बताया कि अभियान के तहत अब तक शहर में डेढ़ सौ से ज्यादा लोगों को नोटिस दिया जा चुका है। इनमें विभिन्न बाजारों के दुकानदार, रेस्टोरेंट वाले, होटल वाले और कुछ आवासीय क्षेत्र के लोग शामिल हैं। उन्होंने बताया कि दोनों में लक्षण लगभग एक जैसे होने के कारण लोग इसमें अंतर नहीं कर पा रहे हैं। ऐसी स्थिति में जरूरी है कि वह लक्षण दिखते हैं तो डॉक्टर की सलाह लें ताकि सही समय पर उन्हें इलाज कर बचाव किया जा सके।

ये लक्षण हैं खतरनाक

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सांकेतिक तस्वीर।
ब्लड बैंक में प्लेटलेट्स की किल्लत
कोरोना के साथ डेंगू के मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण शहर के ब्लड बैंकों में प्लेटलेट की अचानक से मांग तेजी से बढ़ गई है। रक्तदान करने वाली संस्थाओं के सदस्यों ने बताया कि इमरजेंसी में कॉल कर उनसे प्लेटलेट्स डोनर की सूचना मांगी जा रही है। 1 दिन में 50 से 80 डोनर की जरूरत पड़ गई है। वही कोविड काल में रक्तदाताओं की कम होती संख्या के कारण अस्पतालों में खून की कमी पहले से ही परेशानी का कारण बनी हुई है। ऐसे में डेंगू के दंश ने इस परेशानी को और बढ़ा दिया है। 
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कोरोना वायरस - फोटो : ANI
कोविड में खून पतला करने की दवा तो डेंगू में ऐसा न करने से बढ़ी चिंता
डॉ. वीके नागपाल ने बताया कि ऐसे मरीज आ रहे हैं, जिनमें डेंगू और कोविड-19 दोनों ही पॉजिटिव पाए गए हैं। अब तक ऐसे 3-4 मरीज आ चुके हैं। हालांकि अभी तक हमारे पास बहुत गंभीर मरीज नहीं आए हैं। लेकिन आने वाले समय में चुनौती बढ़ सकती है। कोविड में खून पतला करने वाली दवाई देनी होती है और डेंगू में खून पतला करने की दवाई नहीं दी जा सकती। डेंगू और कोविड-19 में तेज बुखार होता है ऐसे में फर्क करना मुश्किल है। मच्छरों से होने वाली तीन बीमारियां डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया खतरनाक हैं।
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कोरोना वायरस - फोटो : एएनआई
लक्षण दिखने पर भी लोग नहीं करा रहे टेस्ट : डॉ. हनी सैनी
जीएमएसएच- 16 के कोविड के नोडल डॉ. हनी सैनी ने बताया कि अभी भी ऐसे लोग हैं जो लक्षण दिखने पर भी कोविड-19 का टेस्ट नहीं करा रहे हैं। कई स्टडी बताती हैं कि जो मरीज पहले कोविड-19 पॉजिटिव रहा है वो आरटी-पीसीआर में 60 दिनों तक भी पॉजिटिव आ सकता है। कोविड पॉजिटिव आने पर डेड सेल और जिंदा सेल दोनों ही शरीर में मौजूद रहते हैं। जब तक वो सेल पूरी तरह से खत्म नहीं हो जाते तो रिपोर्ट पॉजिटिव आ सकती है। ऐसे में अगर कोई मरीज आज डेंगू और कोविड पॉजिटिव है तो उस मरीज को कोविड-19 का भी फ्रेश केस लेकर ही इलाज करना होता है। 
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कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : PTI
डॉ. मनीष का कहना है कि कोविड में हल्के बुखार से शुरुआत होती है। उसके बाद तेज, खांसी या गला खराब होता है। डेंगू में एकदम से तेज बुखार, शरीर में दर्द होता है। डॉ. मनीष का कहना है कि लक्षण दिखने पर लोगों को आरटी-पीसीआर टेस्ट नहीं करवाना चाहते तो एंटी-बॉडी टेस्ट तो जरूर करवाएं। इससे न सिर्फ बीमारी के बारे में जल्द पता चलेगा बल्कि उनके घरवाले और रिश्तेदार भी स्वस्थ रह सकेंगे और कोरोना को बढ़ने से रोका भी जा सकेगा।

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कोरोना वायरस - फोटो : पीटीआई
डेंगू के मरीज खाने पीने का कैसे रखें ध्यान
  • डेंगू के मरीज को इस बीमारी के होने पर सादा पानी, नींबू पानी, दूध, लस्सी, छाछ और नारियल का पानी ज्यादा से ज्यादा मात्रा में पीएं जिससे शरीर में पानी की कमी ना होने पाए
  • मरीज के शरीर में पानी की कमी को पूरा करने के लिए हर दिन 4 से 5 लीटर लिक्विड जाना जरूरी है। हर 1 से 2 घंटे में कुछ न कुछ खाने-पीने के लिए देते रहें।
  • यदि मरीज हर 3 से 4 घंटे में एक बार पेशाब जा रहा है तो मतलब खतरे से बाहर है। 
  • यदि पेशाब की मात्रा कम है तो मरीज को लिक्विड डाइट पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए।
 
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : PTI
डेंगू के होने पर आपके शरीर की मांसपेशियों में दर्द होता है। इसके साथ ही सिर दर्द, जी मचलाना, आंखों में दर्द, उल्टी होना और बुखार कभी कम फिर ज्यादा आने लगता है। डेंगू के होने पर यह हड्डियों को खोखला और कमजोर बना देता है और ऐसे ही लक्षण कोरोना के समय में दिखाई देते है। इसमें भी ज्यादातर मरीजों को बुखार, सिर दर्द, जोड़ो में दर्द हो रहा है। इसलिए डॉक्टरों को दोनों में अंतर करना मुश्किल हो रहा है।
  • साल                    डेंगू के मरीज
  • 2020 में अब तक    86
  •  
  • 2019                 286
  •  
  • 2018                 301
  •  
  • 2017                1951
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