उस दूल्हे पर क्या बीतेगी, जिसे शादी के दिन घुड़चढ़ी से ही रोक दिया हो, क्योंकि वह दलित है। पुलिस के पहरे में रस्में निभी तो पथराव हुआ।
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दलित समुदाय की शादी की घुड़चढ़ी रुकवाई
कुरुक्षेत्र जिले के गांव भूस्तला में शादी समारोह में घुड़चढ़ी रोकने को लेकर राजपूत तथा दलित समुदाय के लोगों के बीच झगड़ा होने का मामले सामने आया है। सूचना मिलते ही शनिवार देर रात्रि थाना प्रबंधक झांसा निर्मल सिंह दल बल के साथ मौके पर पहुंचे तथा तनाव बढ़ता देख दलित समुदाय की घुड़चढ़ी की रस्में पुलिस के पहरे में पूरी कराई लेकिन उस समय भी दूसरे पक्ष की तरफ से पथराव किया गया। जिससे कई लोगों को चोटें आई।
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दलित समुदाय की शादी की घुड़चढ़ी रुकवाई
जिला पुलिस अधीक्षक सिमरदीप सिंह ने कहा कि जिन लोगों ने दलित समुदाय के लोगों को घुड़चढ़ी की रस्म के दौरान मंदिर में जाने से रोका तो उसी समय थाना झांसा के प्रबंधक को मौके पर भेजकर उनकी सभी रस्मे पूरी करवा दी गई। जिन लोगों ने दलित समुदाय को बलपूर्वक मंदिरों में जाने से रोका तथा उनको जातिसूचक शब्द कहे हैं उनके खिलाफ मामला दर्ज कर दिया गया है। उन्हें जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस मामले की जांच थाना प्रबंधक झांसा निर्मल सिंह करेंगे। उन्होंने गांव में जाकर स्थिति का जायजा लिया है। गांव में अब स्थिति शांति पूर्ण है।
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गांव भूस्तला के दो समाज हुए आमने-सामने
दुल्हे के पिता सुरेश कुमार वासी गांव भूस्तला ने थाना झांसा में दी शिकायत में बताया कि शनिवार को उसके पुत्र संदीप का मंडा था तथा शाम के वक्त घुड़चढ़ी की रस्म होनी थी। घुड़चढ़ी के समय उसके लड़का घोड़ा बग्गी पर सवार होकर मंदिरों में माथा टेकने की रस्म अदा कर रहा था। उसी समय राजपूत समुदाय के लोगों ने मंदिर में जाकर घुड़चढ़ी रोकने का फरमान जारी कर दिया।
दुल्हे की मां कृष्णा, दुल्हे की भाभी कुलविंद्र कौर तथा प्रीतो देवी आदि ने बताया कि इससे पहले 2007, 2012 में भी राजपूत समुदाय के लोगों ने उनके समुदाय के लोगों को धमकी देकर घुड़चढ़ी की रस्म करने से मना किया था और कहा कि घोड़ी पर चढ़ने का हक केवल उनके समुदाय के लोगों को है न कि दलित समाज को। उन्होंने कहा कि राजपूत समुदाय बलपूर्वक उनके साथ अन्याय कर रहा है।