सीट पाने की जल्दबाजी में लोग आपातकालीन खिड़की से ही ट्रेन के अंदर घुस गए। रवाना होने से करीब एक घंटा पहले ही पूरी ट्रेन फुल हो गई थी। कुछ ऐसा नजारा था शहर के रेलवे स्टेशन का।
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रक्षाबंधन से पहले, आखिर ये भीड़ कैसी
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इतना ही नहीं स्टेशन पर बने चारों अनारक्षित टिकट काउंटरों पर लगी लाइन सड़क तक आ चुकी थी। परिसर में पैर रखने की जगह तक नहीं थी।
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भीड़ को काबू करने के लिए रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं था। आरपीएफ और जीआरपी दोनों के ही जवान नजर नहीं आ रहे थे। स्टेशन अधीक्षक के बार-बार कहने के बाद सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई।
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राखी के चलते शहर की तकरीबन सभी ट्रेनों में लंबी वेटिंग चल रही है। कालका मेल में 9 अगस्त को 64 और 10 अगस्त को 21 की वेटिंग है।
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चंडीगढ़-लखनऊ एक्सप्रेस में स्लीपर क्लास में 9 अगस्त को 184 और 10 अगस्त को 68 की वेटिंग चल रही है।
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सदभावना ट्रेन में स्लीपर क्लास में 9 अगस्त को 406 और उसके अगले दिन 174 की वेटिंग है।
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शाम की शताब्दी में 9 अगस्त को चेयर क्लास में 45 की वेटिंग है जबकि 10 को 232 की। सुबह की शताब्दी में 10 अगस्त को 134 की लंबी वेटिंग चल रही है।