एक विधवा के इकलौते बेटे को पहले तलवारें मारी और फिर गाड़ी से उल्टा बांधकर घसीटा था। सड़क खून से सन गई थी, तस्वीरों में देखिए मामला।
2 of 7
वरिंदर सिंह मर्डर केस
13 मार्च 2017 की शाम होली के रंगों में पूरा पंचकूला सराबोर था, सभी पर रंगों की खुमारी चढ़ी हुई थी। इस बीच पंचकूला के सकेतड़ी गांव में रात 8.15 बजे मौत का तांडव शुरू हुआ। आधे घंटे के अंदर गांव की सड़कें एक नौजवान के खून से लहूलुहान हो गईं। इस हत्या को एक साल बाद भी सकेतड़ी गांव के लोग भूल नहीं पाए हैं। भूले भी तो कैसे, एक मां का इकलौता चिराग बिना किसी गलती के सड़क पर मुंह के बल एक किलोमीटर घसीटा गया और गाड़ी से कुचलकर उसकी हत्या कर दी गई।
3 of 7
वरिंदर सिंह मर्डर केस
मृतक की मां बेटे की हत्या के एक साल बाद भी निशब्द है। सिर्फ उसकी आंखों से आंसू छलकते हैं। हो भी क्यों न। मां की कोख में जब वरिंद्र था, तभी पिता का साया सिर से उठ गया। वह विधवा मां के जीने का आखिरी सहारा था। इस हत्या को लेकर पूरा गांव सड़कों पर उतर आया था। लोगों के बीच आक्रोश था, सरकार और पुलिस की उस समय जमकर फजीहत हुई थी। एक समय में यह केस पुलिस की नाम का सवाल बना गया था। पुलिस ने भी इस केस को हल करने के लिए कई कोशिशें कीं। तब जाकर इस हत्या में शामिल आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आए।
4 of 7
वरिंदर सिंह मर्डर केस
सात की गिरफ्तारी एक आरोपी आज भी फरार
वरिंद्र सिंह के मामा जय सिंह ने बताया कि इस हत्या में शामिल सात आरोपी (मनमीत उर्फ मोंटी, हरम, तलविंदर, विशाल सैनी, जशनप्रीत, बरमिंदर, मनजोत सिंह सहित अन्य) पुलिस की पकड़ में हैं। एक आरोपी पारा अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। उसे पुलिस अबतक गिरफ्तार नहीं कर पाई है। जय सिंह ने बताया कि आज भी वरिंद्र के ममेरे भाई अवतार को जान से मारने की धमकियां दी जाती हैं। कोर्ट में पेशी के लिए आने वाले आरोपी कमेंट पास करते हैं कि देख लेंगे। वह बचेगा नहीं। जिसे लेकर अवतार दहशत में है।
5 of 7
वरिंदर सिंह मर्डर केस
पहले मुंह के बल घसीटा और फिर गाड़ी से कुचलकर वरिंद्र की हत्या कर दी
13 मार्च 2017 सोमवार को रात करीब सवा आठ बजे दस युवक सकेतड़ी निवासी अवतार सिंह के घर के बाहर आई-20 कार से आते हैं, तीन हवाई फायर की आवाजें सुनकर जैसे ही अवतार सिंह की बुआ का लड़का वरिंद्र घर से बाहर निकला तो बदमाशों ने तलवारों और डंडों से हमला कर दिया। जब वह घायल हो गया तो युवकों ने उसे कार में डाला और मुंह के बल घसीटते हुए चंडीगढ़ की तरफ किशनगढ़ रोड पर निकल गए। घर के सदस्यों ने कुछ दूर तक उनका पीछा किया, लेकिन अपराधी हाथ नहीं आए। उसके बाद पुलिस को कॉल किया गया।
विज्ञापन
6 of 7
वरिंदर सिंह मर्डर केस
फायरिंग सुन थाली में आखिरी निवाला छोड़ बाहर आया था वरिंद्र
मृतक की ममेरी बहनों ने बताया कि जिस वक्त फायरिंग हुई उस वक्त वरिंद्र खाना खा रहा था। थाली में आखिरी निवाला बचा था और वह थाली छोड़कर बाहर आया। बहनों के अनुसार वरिंद्र को नहीं अवतार को मारने आए थे वे अपराधी, लेकिन वरिंद्र फंस गया और जंगलराज के इस नंगे नाच के पांच से सात मिनट में उसके भाई को छीन लिया। इस दिन वरिंद्र की हत्या हुई, उस दिन वरिंद्र सुखना लेकर दोस्तों के साथ होली खेलकर दोपहर को वह घर आया था। उसके बाद से वह घर पर ही था। बहन करमप्रीत ने बताया कि उसने बीएड की डिग्री हासिल की थी। वह शिक्षक बनना चाहता था।
क्या थी रंजिश की वजह
करीब ढाई साल पहले भैसा टिब्बा में रहने वाले मनमीत सिंह उर्फ मोंटी ने अपने दोस्तों के साथ मनसा देवी के पीछे स्थिति पटियाला मंदिर के पास उसपर हमला किया था। इस मामले में तीन से चार माह कोर्ट केस चलने के बाद दोनों पक्षों में समझौता हो गया था। लेकिन मनमीत ने अवतार सिंह से दुश्मनी बनाए रखी। इसी रंजिश में मनमीत उर्फ मोंटी ने अपने चचेरे भाई हरमनप्रीत के साथ मिलकर मई 2016 में भी अवतार सिंह पर हमला किया था। बता दें कि मनमीत बड़ैच पूर्व इनेलो पार्षद कुलदीप कौर बड़ैच का बेटा है।