फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लोगों को बताया राहुल गांधी का पीए, व्यापारी को बोला- DSP लगवा दूंगा, 50 लाख दे दो

Mon, 19 Jun 2017 05:50 PM IST
अश्वनी कुमार/अमर उजाला, जीरकपुर(पंजाब)
विज्ञापन
1 of 7
Rahul Gandhi's Fake PA
पुलिस सिक्योरिटी के साथ रेंज रोवर में घूमता था, एक व्यापारी को बोला कि राहुल गांधी का पीए हूं, 50 लाख दे दो, DSP लगवा दूंगा। 
विज्ञापन

2 of 7
Rahul Gandhi's Fake PA
मामला पंजाब के जीरकपुर का है, जहां राहुल गांधी का फर्जी पीए बनाकर लोगों को ठगने वाले परमिंदर सिंह तूर के खिलाफ नाभा की कोतवाली में धोखाधड़ी का मामला दर्ज है। आरोप है कि परमिंदर तूर ने एक आढ़ती के बेटे को हरियाणा पुलिस में डीएसपी के पद लगवाने का झांसा दिया था। इसके बदले उसने 50 लाख रुपये ठग लिए थे। जीरकपुर पुलिस सोमवार को डेराबस्सी कोर्ट में एक अर्जी देगी, ताकि आरोपी के खिलाफ मिली शिकायतों के संबंध में पूछताछ की जा सके।
विज्ञापन

3 of 7
Rahul Gandhi's Fake PA
राकेश कुमार निवासी बांसा स्ट्रीट, नाभा ने वर्ष 2014 में पुलिस को शिकायत में कहा था कि नाभा निवासी मनीष ने परमिंदर तूर से उनकी मुलाकात करवाई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि तूर ने खुद को हरियाणा में एक मंत्री का जानकार बताया था। इसके बाद परमिंदर तूर ने उनके बेटे दीपांशु को हरियाणा पुलिस में डीएसपी के पद पर लगवाने की पेशकश की। शिकायत के अनुसार, बेटे दीपांशु को डीएसपी बनवाने की एवज में परमिंदर तूर ने उनसे 50 लाख रुपये ले लिए थे। जबकि कुछ समय बाद उन्हें पता चला कि परमिंदर तूर ने झांसा देकर पैसे ठग लिए है। इसके बाद उन्होंने अपने पैसे वापस करने की मांग की। 

4 of 7
Rahul Gandhi's Fake PA
तूर द्वारा रुपये वापस नहीं करने पर उसने नाभा कोतवाली में शिकायत दी थी। इसके बाद पुलिस ने जांच के बाद वर्ष 2015 में उसके खिलाफ एफआईआर नंबर-143 के अधीन धारा 420, 409 के तहत मामला दर्ज कर लिया था। वहीं, परमिंदर तूर के खिलाफ जब पुलिस ने मामला दर्ज किया तो उसने पैसे लौटाने की बजाय उल्टा राकेश कुमार के खिलाफ पटियाला पुलिस के आलाधिकारियों के पास झूठी शिकायत दर्ज करवा दी थी। इसमें आलाधिकारियों से दबाव बनवाया कि यह मेरे पैसे हैं, जो राकेश कुमार नहीं दे रहा है। जबकि पुलिस ने परमिंदर तूर की शिकायत उल्टा मुझ पर दबाव बनाना शुरू कर दिया था।
विज्ञापन

5 of 7
v
ठगी के बाद बिजनेस में पड़ी मार
शिकायतकर्ता राकेश कुमार एक गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं, जो फोन पर ज्यादा देर तक बात नहीं कर पाते हैं। राकेश की पत्नी सुनीता ने बताया कि नाभा में उनका आढ़त का अच्छा कारोबार था और उन्हें किसी चीज की कमी नहीं थी। उन्होंने बताया 50 लाख रुपये बिजनेस से निकल जाने के बाद उनका कारोबार धीरे-धीरे खत्म हो गया। वहीं, कारोबार खत्म होने के सदमे में पति राकेश डिप्रेशन के शिकार हो गए। इस कारण उनका इलाज चल रहा है।

 
विज्ञापन

6 of 7
Rahul Gandhi's Fake PA
​सुनीता ने बताया कि परमिंदर तूर से मिले धोखे के बाद बेटे दीपांशु ने भी उनसे बात करना बंद कर दिया है। दूसरी ओर, कोतवाली पुलिस में परमिंदर तूर खिलाफ दर्ज करवाए केस पर पुलिस अधिकारियों ने गंभीरता नहीं दिखाई। इससे परेशान होकर उन्होंने पुलिस थाने जाना बंद कर दिया। जबकि कोतवाली पुलिस ने राकेश कुमार द्वारा दर्ज करवाए मामले को लेकर अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी, जो अभी लंबित है।
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
Rahul Gandhi's Fake PA
​राकेश कुमार निवासी बांसा स्ट्रीट ने परमिंदर तूर खिलाफ 2014 में शिकायत दर्ज करवाई थी और उच्चाधिकारियों के निर्देश पर वर्ष 2015 में आरोपी परमिंदर तूर के खिलाफ जालसाजी और धोखाधड़ी की धारों के तहत केस दर्ज किया गया था। यह मामला हरियाणा राज्य से जुड़ा हुआ था, इसलिए कोई सबूत न मिल पाने के कारण कोतवाली पुलिस ने केस खारिज करने को लेकर अदालत में अर्जी दाखिल की है। इस पर सुनवाई होनी बाकी है।
-गुरबाज सिंह, मुंशी, कोतवाली नाभा।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें