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पटियाला की नेशनल प्लेयर बनना चाहती थी 'सिंधू', गरीबी में जिंदगी से हारी

Mon, 22 Aug 2016 09:40 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पटियाला(पंजाब)
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पटियाला की नेशनल खिलाड़ी पूजा ने फंदा लगाकर जान दी - फोटो : अमर उजाला
एक ओर रियो ओलंपिक में परचम लहराने वाली वो बेटियां हैं, जिन पर प्यार और पैसा बरस रहा। दूसरी ओर गरीबी से दुखी नेशनल प्लेयर है, जिसने 120 रुपये एक दिन के खर्च के डर से सुसाइड कर ली।
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मोदी को खून से पत्र लिखने के बाद नेशनल प्लेयर ने की सुसाइड - फोटो : अमर उजाला
बात हो रही है पंजाब के पटियाला से हैंडबॉल की राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी पूजा की, जिसने सिर्फ इसलिए जान दे दी क्योंकि उसके पास घर से खेल के मैदान तक पहुंचने के लिए पैसे नहीं थे। पटियाला के खालसा कॉलेज में पढ़ने वाली 20 साल की पूजा ने शनिवार सुबह अपने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। फंदा लगाने से पहले पहले पूजा ने सात पेज का सुसाइड नोट लिखा है।
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मोदी को खून से पत्र लिखने के बाद नेशनल प्लेयर ने की सुसाइड - फोटो : अमर उजाला
इस सुसाइड नोट में उसने खून से पीएम मोदी के लिए कुछ बातें लिखी हैं और फिजिकल एजुकेशन के प्रोफेसर व हैंडबॉल कोच गुरशरन सिंह गिल पर परेशान करने का आरोप लगाया है। पूजा ने लेटर में लिखा है कि इस साल उसे हॉस्टल नहीं दिया गया। जिस कारण उसे घर से डेली कॉलेज और खेल के मैदान तक अपडाउन करना होगा और इसमें 120 रुपये रोजाना खर्च होते हैं। पूरे महीने का ये खर्च 3,720 रुपये होगा, जो मेरे पिता नहीं उठा सकते।

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मोदी को खून से पत्र लिखने के बाद नेशनल प्लेयर ने की सुसाइड - फोटो : अमर उजाला
खिलाड़ी ने लिखा कि मोदी जी मेरे परिवार की मदद करो। हमारे परिवार में पांच खाने वाले और केवल एक कमाने वाले मेरे पिता हैं, जो सब्जी की रेहड़ी लगाकर रोजाना मुश्किल से कुछ पैसे ही घर ला पाते हैं। भगवान भी हम जैसे गरीबों की कभी मदद नहीं करता है। मेरे जैसी बेटियां गरीबी व पढ़ाई से वंचित होकर मरने के लिए मजबूर न हो, ऐसा कुछ करें। क्योंकि देश में सब उल्टा हो रहा है। गरीब और गरीब हो रहे हैं, अमीर और अमीर हो रहे हैं।
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मोदी को खून से पत्र लिखने के बाद नेशनल प्लेयर ने की सुसाइड - फोटो : अमर उजाला
पूजा ने पीएम मोदी से सुसाइ़ड नोट में कहा है कि वह पहले भी कई बार उनको पत्र लिखकर परिवार के लिए आर्थिक मदद मांग चुकी है, लेकिन कुछ लोगों ने उसका पत्र उन तक पहुंचने नहीं दिया, क्यों। क्या मेरी बड़ी बहन व छोटा भाई गरीबी के कारण पढ़ाई से वंचित रह जाएंगे। आगे लिखा है कि वह जाते समय किसी का बुरा नहीं करेगी, लेकिन गिल कोच ने जो किया, वह बहुत बुरा था। उनकी गलती से हाकी व कबड्डी की कई साथी खिलाड़ियों की जिंदगियां बर्बाद हो गईं, जिन्हें उन्होंने पिछले साल तो कालेज में दाखिला दे दिया था।
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मोदी को खून से पत्र लिखने के बाद नेशनल प्लेयर ने की सुसाइड - फोटो : अमर उजाला
पूजा ने लिखा कि इस साल उन्हें इसलिए दाखिला नहीं दिया गया, क्योंकि वह कालेज के लिए कोई मेडल नहीं जीत पाई। लेकिन जब कोई कोच नहीं होगा, तो फिर खिलाड़ी अच्छी तैयारी कैसे करेंगे। इसी तरह से उसे व उसकी दोस्त पुष्पा को कालेज में दाखिला दे दिया, लेकिन हास्टल नहीं दिया। कहा कि रोजाना घर से कालेज व कालेज से ग्राउंड आना जाना करो। हम जैसे गरीब लोग जो पांच रुपये भी दस बार सोच कर खर्च करते हैं, वह आने-जाने का खर्च कैसे उठाते। पूजा ने पत्र में पीएम से कोच को कड़ी सजा देने की मांग की है।

 
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पटियाला की नेशनल खिलाड़ी पूजा ने फंदा लगाकर जान दी - फोटो : अमर उजाला
वहीं पत्र में पिता को आखिरी नमस्ते कहते हुए पूजा ने उन्हें हिम्मत न हारने और सारे परिवार को मिलकर रहने की अपील की है। आगे कहा है कि मेरी मौत का गम न बनाना और सदा खुश रहना। पिता प्रभु ने कहा कि पूजा ने औरंगाबाद में हुई नेशनल खेलों में अच्छा प्रदर्शन दिखाकर मेडल हासिल किया था। पिता ने बताया कि शुक्रवार को टीवी पर रियो ओलंपिक में बैडमिंटन का फाइनल मैच देखकर पूजा कह रही थी कि वह भी पीवी सिंधु की तरह खेलों में देश का नाम रोशन करेगी। लेकिन उसका सपना अधूरा रह गया और वह सदा के लिए चली गई।
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पटियाला की नेशनल खिलाड़ी पूजा ने फंदा लगाकर जान दी - फोटो : अमर उजाला
जांच अधिकारी एएसआई रणबीर कुमार ने बताया कि सब्जी की रेहड़ी लगाने वाले प्रभु की बेटी पूजा कुमारी (20) ने सुसाइड नोट में कोच को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है। वहीं, पिता की ​​शिकायत पर दो नंबर डिवीजन पुलिस ने कोच के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में केस दर्ज कर लिया है। आरोपी कोच अभी फरार है। वहीं, कॉलेज के प्रिंसीपल धरमिंदर सिंह ऊभा कोच का बचाव करते नजर आ रहे हैं। उनका कहना है कि कोच गिल अपने काम के प्रति बेहद निष्ठावान हैं। उन पर आरोप लगाना गलत है।

 
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