ओलंपियन सुशील कुमार से भिड़ने वाला नेशनल रेसलर अब जेल की सलाखों के पीछे पहुंच चुका है। आखिर ऐसा क्यों हुआ।
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नशे की तस्करी करता पकड़ा गया राष्ट्रीय पहलवान
चंडीगढ़ की नारकोटिस ब्यूरो टीम ने हेरोइन की तस्करी के आरोप में कुश्ती के नेशनल खिलाड़ी अमरजीत सिंह समेत एक अन्य व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सबस्टांस एक्ट) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। जानकारी के मुताबिक कालका निवासी सतपाल और सिरसा के नगराना गांव के अमरजीत सिंह से नारकोटिक्स के अधिकारियों ने 104 ग्राम हेरोइन के साथ हिरासत में लिया है।
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नशे की तस्करी करता पकड़ा गया राष्ट्रीय पहलवान
आरोपी अमरजीत सिंह कुश्ती का नेशनल खिलाड़ी है जो पिछले एक साल से हेरोइन की तस्करी में संलिप्त है, जबकि आरोपी सतपाल 3 साल से इस कारोबार से जुड़ा है। दोनों आरोपी हेरोइन के खेप लेकर अल्टो K10 कार से दिल्ली से चंडीगढ़ आ रहे थे। नारकोटिक्स के अधिकारियों ने दोनों को दप्पर टोल प्लाजा के पास हेरोइन समेत गिरफ्तार किया। दोनों आरोपियों के तार दिल्ली ड्रग्स माफिया से जुड़े बताए जा रहे हैं।
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नशे की तस्करी करता पकड़ा गया राष्ट्रीय पहलवान
अमरजीत सिंह उर्फ अमर का एक बार राज्य स्तर की अंडर-19 प्रतियोगिता में देश के कुश्ती के हीरो कहे जाने वाले खिलाड़ी सुशील कुमार से मुकाबला हुआ और अमर को हारने के बाद सिल्वर मैडल मिला। 6 फुट के अमर ने सिरसा का नाम अनेक बार चमकाया। अमर ने हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में हर वर्ष होने वाली प्रतियोगिता में हिमाचल केसरी का खिताब जीता। वह सिरसा के मंगाला में हर वर्ष बाबा भूमण शाह के मेले पर होने वाले दंगल में तीन बार जीता।
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नशे की तस्करी करता पकड़ा गया राष्ट्रीय पहलवान
अमर पंजाब के आनंदपुर साहिब, फगवाड़ा, खन्ना सहित अनेक प्रतियोगिताओं में दूसरे नंबर के खिलाड़ी के नाम से जाना जाता था। अमर हिन्दुस्तान ही नहीं पाकिस्तान के नामचीन पहलवानों से भी भिड़ चुका है। फरवरी, 2008 में बाबा कन्हैया लाल संगीत एंड कल्चरल महासभा, होशियारपुर द्वारा हर वर्ष की भांति करवाए जाने वाले कुश्ती मुकाबले में अमर का मुकाबला पाकिस्तान के पहलवान मोहम्मद उमर से भी हुआ था।
एनसीबी ने बताया कि 2003 में अमर ने प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता जीती। इसके अलावा वर्ष 2005 में दिल्ली नेशनल कुश्ती प्रतियोगिता में सुशील कुमार से भिड़कर दूसरा स्थान हासिल किया, लेकिन वर्ष 2009 में अमर ने कंधे में चोट लगने के बाद कुश्ती को अलविदा कह दिया। वह पंजाब, हरियाणा में दंगलों में हिस्सा लेता रहता है। इसी दौरान उसकी एक नशेड़ी से मुलाकात हुई और वहीं से अमरजीत को हेरोइन के नशे की लत लग गई।