कातिल किस कदर बेखौफ हैं, इसकी एक बानगी यहां देखने को मिली। सैलून में घुसकर मालिक पर दनादन गोलियां चलाईं और बंदूक लहराते बाइक पर निकल गए, देखिए
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Sonipat murder
घटना हरियाणा के सोनीपत की है, जहां के गांव सेरसा में रविवार रात हुई हेयर सैलून संचालक विरेंद्र की हत्या सैलून के अंदर व बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। बाइक पर आए तीन हमलावरों ने वारदात को अंजाम दिया। इनमें से दो बारी-बारी दुकान के अंदर घुसे और महज पांच सेकेंड के अंदर विरेंद्र के सीने व पीठ में दो गोली मारकर उसकी हत्या कर दी।
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वहां से वे सभी बाइक स्टार्ट कर खड़े अपने तीसरे साथी के साथ फरार हो गए। विरेंद्र करीब एक वर्ष पहले हुए प्रवीण हत्याकांड का मुख्य चश्मदीद गवाह था। उसी मामले में गवाही के चलते परिजनों ने उसकी हत्या किए जाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने इस संबंध में आठ के खिलाफ हत्या व हत्या का षड्यंत्र का मामला दर्ज किया है। वहीं मुख्य गवाह की हत्या के बाद गुस्साए परिजनों ने रात को सैलून का शटर गिराकर हंगामा किया।
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सीसीटीवी कैमरे में ये हुई रिकॉर्डिंग
रविवार रात 8:33 बजे गांव सेरसा निवासी विरेंद्र उर्फ धाकड़ अपने सैलून में एक ग्राहक की सेविंग करने में व्यस्त था। 8 बजकर 33 मिनट 14 सेकेंड पर एक हमलावर सिर पर हेलमेट पहन हाथ में पिस्टल लेकर उसके सैलून में दाखिल हुआ और आठ बजकर 33 मिनट 17 सेकेंड पर विरेंद्र के सीने में गोली मार दी। गोली लगते ही विरेंद्र फर्श पर गिर गया।
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अचानक चली गोली से ग्राहक कुर्सी से उठकर बाहर की तरफ भागा तो इसी दौरान दूसरा हमलावर सैलून में घुसा था। दूसरा हमलावर चेहरे पर कपड़ा बांधकर अंदर आया और उसने पहली गोली चलने के महज पांच सेकेंड बाद फर्श पर पीठ के बल गिरे विरेंद्र की कमर में गोली मार दी। बाद में हमलावर एक ही बाइक पर सवार होकर हथियार लहराते हुए फरार हो गए। गोली चलने की आवाज सुनते ही घटना के महज 22 सेकेंड बाद ही परिजन विरेंद्र के पास पहुंचे, लेकिन तब तक उसका बहुत खून बह चुका था।
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प्रवीण की हत्या के दौरान हुआ था विरेंद्र पर भी हमला
गांव सेरसा में दिल्ली के फायर ब्रिगेड कर्मी प्रवीण की गांव में 26 मार्च, 2016 की रात को गोली मारकर हत्या की गई थी। गांव के ही संदीप व अमित को गिरफ्तार कर पुलिस ने वारदात का खुलासा किया था। मामले में हमलावरों ने विरेंद्र को भी गोली मार दी थी, लेकिन उसकी जान बच गई थी। वह पांच माह तक अस्पताल में दाखिल रहा था। प्रवीण हत्याकांड के चश्मदीद गवाह विरेंद्र ने आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में गवाही दी थी, जिसकी रंजिश में ही अब संदीप के भाई शांतनु पर अपने साथियों के साथ मिलकर वारदात विरेंद्र की हत्या का आरोप लगा है।
पुलिस होती सतर्क तो बच जाती बेटे की जान
विरेंद्र के पिता जयभगवान ने आरोप लगाया कि अगर मामले में पुलिस सतर्क होती तो उसके बेटे की जान बच सकती थी। उसके बेटे ने मार्च माह में आरोपियों के खिलाफ गवाही दी थी। उसे पहले ही गवाही नहीं देने के लिए धमकी दी गई थी, लेकिन उसके बेटे ने कानून का साथ दिया। उसके बावजूद पुलिस उसकी जान नहीं बचा सकी।