फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तस्वीरें: यूं ही नहीं बदनाम है पुलिस, महिलाओं ने देखिए कैसे जताया विरोध?

Fri, 05 Aug 2016 09:37 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
विज्ञापन
1 of 9
लापता युवक का शव मिलने के विरोध में महिलाओं का पुलिस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
बेटा दो दिन से लापता था, शिकायत देने पर भी पुलिस ने कार्रवाई न की। दो दिन बाद शव मिला तो पुलिस के खिलाफ परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। तस्वीरें।
विज्ञापन

2 of 9
लापता युवक का शव मिलने के विरोध में महिलाओं का पुलिस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
मामला, रोहतक का है। प्रदर्शन जींद पुलिस के खिलाफ हुआ। जब दो दिन बाद युवक का शव मिला तो परिजन और दलित समाज के लोग बिफर पड़े। परिजनों ने पुलिस व्यवस्था और आरोपी को पकड़ने की मांग पर पीजीआई के पोस्टमार्टम हाउस से लेकर पीजीआई मोड़ तक जाम लगा दिया। मेडिकल मोड़ पर जाम लगते ही शहर की लाइफलाइन थम गई और वाहन ज्यों के त्यों फंस गए।
विज्ञापन

3 of 9
लापता युवक का शव मिलने के विरोध में महिलाओं का पुलिस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
इतना ही नहीं जाम में फं से कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर जब परिजनों को समझाने पहुंचे तो परिजनों ने उन्हें भी दो टूक जवाब देकर लौटा दिया। जैसे-तैसे करके स्थानीय पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज कर जुलाना थाने में मामला भेजे जाने के बाद जाम खोला गया। सुबह साढ़े 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक लगे जाम आधा शहर थम गया। वाहनों को मॉडल टाउन से डायवर्ट कर जैसे-तैसे निकाला गया।

4 of 9
लापता युवक का शव मिलने के विरोध में महिलाओं का पुलिस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
जुलाना स्थित गांव मेहरड़ा निवासी 27 वर्षीय सुनील को 31 जुलाई को उसी के गांव का एक युवक घर से बुलाकर ले गया था। गांव के युवक का दावा था कि वह मजदूरी के लिए जा रहे हैं। इसके बाद सुनील शाम तक घर नहीं लौटा। परिजनों ने उसकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। सुनील के परिजनों ने सुनील को साथ ले जाने वाले युवक से बात की तो वह टालमटोल करता रहा।
विज्ञापन

5 of 9
लापता युवक का शव मिलने के विरोध में महिलाओं का पुलिस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
दो दिनों तक सुनील के परिजन उसकी तलाश करते रहे। परिजनों ने नहर में भी सुनील की तलाश की। आरोप है कि पुलिस को लापता होने की शिकायत दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की। दो अगस्त को महम के गांव मदीना के  पास नहर में सुनील का शव मिला। परिजनों ने गांव के उस युवक पर आरोप लगाया कि आरोपी ने उनके बेटे की हत्या कर शव को नहर में फेंक दिया है। मंगलवार को मृतक के परिजन शव को लेने के लिए पीजीआई पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए।
विज्ञापन

6 of 9
लापता युवक का शव मिलने के विरोध में महिलाओं का पुलिस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
यहां उन्होंने जींद पुलिस को शिकायत देकर आरोपी के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की। आरोप है कि पुलिस ने इस बार भी कोई कार्रवाई नहीं की। इसके विरोध में बुधवार को सैकड़ों ग्रामीण और मृतक के परिजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए। उन्होंने पोस्टमार्टम हाउस से प्रदर्शन शुरू कर मेडिकल मोड़ पर जाम लगा दिया। पुलिस ने पोस्टमार्टम हाउस से रवाना होते ही ग्रामीणों को पोस्टमार्टम हाउस मोड़ पर रोकने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस सफल नहीं हो सकी।
विज्ञापन

7 of 9
लापता युवक का शव मिलने के विरोध में महिलाओं का पुलिस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
मेडिकल मोड़ तक ग्रामीणों को पांच बार रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन परिजनों के गुस्से के आगे पुलिस बेबस नजर आई। कई जगहों पर परिजनों और पुलिस के बीच जमकर नोकझोंक हुई। कई पुलिस अधिकारियों के साथ धक्कामुक्की भी हुई। एसएचओ कुलदीप के साथ लोगों ने अभद्रता भी की।
पुलिस ने लोगों को रोकने का प्रयास किया तो महिलाएं सड़क पर लेट गईं तो पुरुष सड़क पर धरना देकर बैठ गए। फिर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।

8 of 9
लापता युवक का शव मिलने के विरोध में महिलाओं का पुलिस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
मामला बढ़ता देख डीएसपी विजय सिंह, वीरसिंह और पीजीआई थाना प्रभारी कुलदीप सिंह टीम सहित मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने जीरो एफआईआर दर्ज करने का आश्वासन दिया। इस आश्वासन के बाद दोपहर 1 बजे जाम खोला गया। बीमार बंदियों की गाड़ी भी जाम के कारण पीजीआई तक नहीं पहुंच सकी। एसएचओ कुलदीप का कहना है कि जीरो एफआईआर दर्ज कर जींद पुलिस को भेज दी गई है।
विज्ञापन

9 of 9
लापता युवक का शव मिलने के विरोध में महिलाओं का पुलिस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष व विधायक दल की नेता जाम में फंसे: दिल्ली की तरफ से आ रहे कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर और कांग्रेस विधायक दल की नेता किरण चौधरी का काफिला शहर की तरफ आ रहा था। जाम लगा देखने के बाद दोनों नेताओं ने परिजनों की मांग पूरा करने का आश्वासन देकर जाम खोलने की अपील की। लेकिन परिजनों ने दोनों की एक भी बात नहीं सुनी। इसके बाद दोनों अपनी गाड़ी में जाकर बैठ गये। जाम खुलने के बाद ही नेता रवाना हो सके।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें