असंध के गांव जयसिंहपुरा में दो दोस्तों ने रविवार की शाम को जहर निगल लिया। हालत गंभीर होने पर उन्हें कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया। परिजन दोनों को अलग-अलग निजी अस्पताल में ले गए। वहां देर रात को इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई। अभी तक दोनों के सुसाइड के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है।
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गांव जयसिंहपुरा निवासी मोनू ने बताया कि उसके चचेरे भाई पंकज (25) और उसके दोस्त कर्मबीर (26) की जहर खाने से मौत हो गई। उसने बताया कि दोनों के आमने-सामने घर होने से दोनों साथ-साथ रहते थे। 20 साल से उनमें गहरी दोस्ती थी। वे गांव में ही मजदूरी करते थे। रविवार को दोनों एक साथ अपना काम खत्म करके शाम को 4 बजे घर आ गए और उसके बाद घर से घूमने के लिए गांव के पास ही खेतों में चले गए। वहां दोनों ने जहरीले पदार्थ खा लिया। परिजनों को जब जहर खाने की बात पता लगी तो दोनों को असंध के सरकारी अस्पताल में दाखिल करवाया।
वहां से डॉक्टरों ने दोनों को कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर कर दिया। परिजन दोनों को शहर के अलग-अलग निजी अस्पतालों में दाखिल करवा दिया। देर रात 12 बजे दोनों ने अलग-अलग अस्पतालों में दम तोड़ दिया। दोनों की एक साथ मौत से गांव में मातम पसर गया। पुलिस ने राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिए। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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पापा हमने जहर खा लिया, हम मर रहे हैं...
जहर खाकर दो दोस्तों ने जान दी
- फोटो : अमर उजाला
जहर खाने के बाद शाम साढ़े पांच बजे पंकज ने अपने पापा सत्यनारायण को फोन किया। उसने कहा कि ‘पापा हमने जहर खा लिया, हम मर रहे हैं, खेत में हूं’। फोन सुनते ही सत्यनारायण एक अन्य व्यक्ति को साथ लेकर खेत में पहुंचा तो देखा दोनों लेटे हुए थे। इस पर परिजनों ने दोनों को उठाया और उन्हें अस्पताल ले गए। वहां हालत ज्यादा खराब हो गई और दोनों को करनाल रेफर कर दिया गया।
जब पंकज ने घर फोन करके बताया कि उसने जहर खा लिया है। उससे दस मिनट पहले पंकज का चचेरा भाई मोनू बाकल गांव से शादी से आ रहा था। रास्ते में पंकज को खेत में ट्यूबवेल पर बैठा देख मोनू ने उसे घर चलने की बात कही थी। इस पर पंकज ने मोनू को कहा था कि वह दोनों यहीं बैठे हैं। वह खुद घर आ जाएंगे। इसके बाद ठंड ज्यादा होने के कारण मोनू भी उनसे एक एकड़ दूर जाकर आग जलाकर बैठ गया। जब गांव की तरफ से पंकज का पापा सत्यनारायण और एक अन्य व्यक्ति आया तो तब मोनू को पता लगा कि पंकज और कर्मबीर ने जहर खाया है।
पंकज और कर्मबीर थे एक-एक बेटी के पिता
पंकज की एक बहन और एक भाई पिंटू हैं। दोनों शादीशुदा हैं। पंकज की शादी भी दो साल पहले हुई थी। एक साल पहले पंकज की पत्नी ने बेटी आश्वी को जन्म दिया था। पंकज अपने पीछे एक साल की बेटी आश्वी और अपनी पत्नी को छोड़ गया है। वहीं कर्मबीर का विवाह तीन साल पहले हुआ था। एक साल पहले उसके घर भी बेटी ने जन्म लिया था। उसके परिवार में दो भाई और माता-पिता हैं। उसका एक भाई उससे छोटा और एक बड़ा है। दोनों की मौत के बाद परिजनों को रो-रोकर बुरा हाल है।
हमें मरना था इसलिए खा लिया जहर
पंकज को अस्पताल लाने के दौरान उसने अपने चचेरे भाई मोनू को कहा कि जो गोली उसने खाई है वह उसकी छाती में अटक गई। इस पर मोनू ने पूछा कि उसने गोली क्यों खाई तो पंकज ने बताया कि वह दोनों मरना चाहते थे। इसलिए दोनों ने एक साथ गोली खा ली।
पंकज और कर्मबीर ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली है। उन्होंने जहर क्यों खाया इस बात का पता नहीं लग पाया। मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं।
- सतबीर सिंह, पुलिस जांच अधिकारी, थाना असंध