यहीं चल रहा था अवैध नशा मुक्ति केंद्र।
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गांव बझिंल में रजवाहे के पास दो साल से संजय इसी गांव के रहने वाले दिलबाग के मकान में नशा मुक्ति केंद्र चला रहा था। अंकित निवासी किशनपुरा, नरेंद्र निवासी जौरासी और महाबीर निवासी मतलौडा यहां पर कर्मचारी के तौर पर तैनात थे। उसने एक संस्था बनाई नई किरण, उसी के नाम से बगैर लाइसेंस नशा मुक्ति केंद्र खोला था। छापे के दौरान प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने संजय और दिलबाग को मौके पर बुलाया लेकिन दोनों आए ही नहीं आए। तीसरा कर्मचारी महाबीर की फिलहाल पकड़ा नहीं गया।