एक युवा क्रिकेटर जो खेल के साथ पढ़ने में भी होनहार था। वह कैसे सुसाइड गेम के जाल में फंस गया। देखिए कैसे उसने कॉपी में ड्राइंग बनाकर मरने का तरीका चुना।
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Panchkula Suicide
एंड्रॉएड, इंटरनेट पर धड़ल्ले से चलने वाली गेम ब्लू व्हेल एक बार फिर मौत का साया लेकर आई। पंचकूला के सेक्टर-4 में 16 वर्षीय छात्र करण ठाकुर ने गेम के टास्क पूरा करते हुए चुन्नी से फंदा लगा लिया। मामले का खुलासा उस वक्त हुआ जब करण की मैथ्स की नोटबुक में ऐसे छह खतरनाक टास्क पाए गए, जिनका हश्र सिर्फ मौत है।
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Panchkula Suicide
सेक्टर-4 के मकान नंबर-214 निवासी करण ठाकुर, पुत्र देविंदर ठाकुर, चंडीगढ़ के डीएवी लाहौर में दसवीं में पढ़ता था। पिता देविंदर ने बताया कि वह पढ़ाई के साथ-साथ क्रिकेट में भी अच्छा था। क्रिकेट की प्रैक्टिस के लिए वह चंडीगढ़ जाता तो अपने दोस्तों या भाइयों के बीच खेलने में फिलहाल कम वक्त देता था। वह अधिकतर समय मोबाइल पर गेम खेलने में लगाता था।
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Panchkula Suicide
पिता ने बताया कि शनिवार को सुबह करीब 11 बजे देविंदर और उनकी पत्नी रजनी ठाकुर सेक्टर-छह अस्पताल गए। वहां शुगर टेस्ट न हो पाने के कारण वह महज आधे घंटे में घर लौट आए। लौटने पर उस कमरे का दरवाजा खटखटाया, जिसमें करण था। दरवाजा खटखटाने के बाद अंदर से नहीं खुला।
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Panchkula Suicide
इसके बाद किसी तरह दरवाजे को खोलकर अंदर देखा तो करण फंदे से लटका था। आनन फानन में उसे तुरंत सिविल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उसे मृत बता दिया। रविवार को करण के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। इसके बाद जब उसके नोटबुक खंगाले तो ब्लू व्हेल गेम से आत्महत्या का खुलासा हुआ।
छह टास्क, जो मौत पर खत्म होते हैं
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चचेरे भाई अगम ने बताया कि उसके नोटबुक में जो छह टास्क मिले हैं, उसमें खुद को काटना, बिल्डिंग के ऊपर टांगें लटकाकर बैठना और कूदना, ट्रेन के सामने छलांग लगाना, चलती कार के सामने सड़क पर छलांग लगाना। फंदे से लटकना और नदी में छलांग लगाने जैसे टास्क होते थे। यहीं नहीं एडमिनिस्ट्रेटर की ओर से हॉरर मूवीज के ऑडियो और वीडियो भी भेजे जाते थे।
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तड़के 4:20 बजे जागता था करण
करण रोजाना सुबह 4:20 बजे नींद से जागता। जबकि कई बार देर रात तक वह पढ़ाई करता था। वह अक्सर खेलने भी आता था और क्रिकेट अकादमी जाता था। लेकिन इस दौरान उसने न तो दोस्तों और न ही भाई-बहनों को इस बात का अहसास होने दिया कि वह ब्लू व्हेल खेलने का एडिक्ट हो चुका है। हालांकि उसी कमरे में भाई भी सोता था, जिसने बताया कि वह देर रात तक जागता रहता था।
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दशहरा और दीवाली मनाना चाहता था
अगम ने बताया कि वारदात के दो दिन पहले बातचीत में वह दशहरा और दीवाली मनाने की प्लानिंग कर रहा था। वह पढ़ाई और क्रिकेट दोनों में अच्छा था, लेकिन किसी को इस बात का अहसास नहीं था कि ब्लू व्हेल के चक्कर में वह अपनी जान गंवा देगा।
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खेल के बीच से भी कई बार चला जाता था करण
करण पिछले एक साल से एंड्रॉएड फोन का इस्तेमाल कर रहा था। पिछले कुछ दिनों से उसका गेम्स की तरफ अधिक रुझान था। भाइयों ने बताया कि वह हमारे साथ या दोस्तों के साथ भी खेलता था। लेकिन खेल के दौरान ही बीच में किसी बहाने से वह वहां से निकलकर घर चला जाता था।
शनिवार को हुई इस वारदात के दो दिन बाद परिजनों की शिकायत पर पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। फिलहाल किसी के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया गया है, लेकिन इससे जुड़े तमाम पहलुओं की बारीकी से छानबीन की जा रही है। ब्लू व्हेल से संबंधित सबूत इकट्ठे किए जा रहे हैं।
-एएस चावला, पुलिस कमिश्नर, पंचकूला