नशा बेचता था और गांव की लड़कियों को छेड़ता था, गंदे इशारे करता था। परेशान होकर लोगों ने सरेआम युवक को ऐसी सजा दी कि देखकर रूह कांप जाए।
2 of 8
Bathinda Murder
घटना पंजाब के बठिंडा की है। गांव भागीवांदर के लोग विनोद कुमार उर्फ सोनू अरोड़ा से काफी परेशान थे। लोगों का कहना है कि वह गांव में ड्रग्स की सप्लाई करता था। साथ ही गांव की महिलाओं और लड़कियों को साथ बुरा व्यवहार करता था। गांव वाले इतने परेशान हो चुके थे कि उन्होंने विनोद को सजा देने की ठान ली। सजा दी गई, लेकिन इस तरह से किसी ने सोची न होगी।
3 of 8
Bathinda Murder
लोगों ने सरेआम उसके हाथ पैर काट दिए। लोगों में इतना गुस्सा था कि वे उसका गुप्तांग काटना चाहते थे। इसके लिए उसके कपड़े भी उतारे गए, लेकिन उसने हाथ आगे कर लिया। लोगों ने उसका हाथ काट डाला, फिर वह कहीं भाग न सके, उसके पैर भी काट दिए। गांववालों ने घटना का वीडियो भी बनाया है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
4 of 8
Bathinda Murder
घटना की सूचना पुलिस तक पहुंची तो आनन फानन में मौके पर पहुंचकर विनोद को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन लोगों ने एंबुलेंस को जाने नहीं दिया। जैसे तैसे एंबुलेंस अस्पताल पहुंची, लेकिन इलाज के दौरान विनोद ने दम तोड़ दिया। दरअसल, लोग उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग पर अड़े थे, जब तक केस दर्ज नहीं हुआ एंबुलेंस का रास्ता रोके रखा।
5 of 8
Bathinda Murder
वहीं मृतक सोनू के मौसेरे भाई जगदीश ने बताया कि उसका भाई नशा तस्कर नहीं था। गांव की महिला सरपंच के बेटे राजू ने अपने साथियों के साथ मिलकर सोनू की हत्या की है। महिला सरपंच के बेटे राजू और सोनू में किसी समय बहुत अच्छे संबंध थे, लेकिन फिर कुछ ऐसा हुआ कि राजू ने गांव वालों के साथ मिलकर सोनू को नशा तस्कर बताकर गांव से निकलवा दिया।
विज्ञापन
6 of 8
Bathinda Murder
इसके बाद सोनू अपने परिवार समेत तलवंडी में रहने लगा था। वीरवार को राजू ने अपने साथियों संग मिलकर सोनू को उसके घर से उठाकर ले आया और उसके हाथ पांव काट गांव भागीवांदर के पास फेंक दिया था। राजू ने अपनी महिला दोस्त के साथ मिलकर गांव वालों को इकट्ठा किया और बाद में उसके भाई को गांव के चौराहे पर लाकर फिर से नशा तस्कर का आरोप लगाकर पीटा।
7 of 8
Bathinda Murder
जगदीश ने आरोप लगाया कि अगर गांव वाले समय से उसके भाई का उपचार होने देते तो शायद उसकी जान बच जाती। वहीं तलवंडी साबो पुलिस थाना प्रभारी जगदीश सिंह का कहना है कि विनोद पर 5 केस दर्ज हैं, वह जेल भी जा चुका है। वहीं प्रदेश में पहली बार इस तरह का मामला सामने आया कि किसी आरोपी का इस तरह सजा दी गई।
थाना प्रभारी जगदीश ने बताया कि दम तोड़ने से पहले विनोद ने बयान दर्ल कराए थे, जिनके आधार पर भागीवांदर की सरपंच का बेटा राजू सिंह, गुरसेवक बड्डा सिंह समेत कई लोगों पर कत्ल का केस दर्ज कर लिया है। फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। वहीं लड़कियों से छेड़छाड़ के मामले की जांच भी की जाएगी, उसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।