पुलिस की एफआईआर में बताया गया है कि छह छात्राओं ने आशंका जताई कि बाथरूम में नहाते वक्त उनके वीडियो बनाकर वायरल किए गए हैं। छात्राओं ने तुरंत इसकी जानकारी मैनेजमेंट को दी लेकिन देर रात आरोपी पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इससे आक्रोशित विद्यार्थियों ने रात को जमकर हंगामा किया।
स्थिति को काबू करने के लिए मौके पर पहुंची पुलिस के साथ धक्कामुक्की भी हुई। रात करीब दो बजे यूनिवर्सिटी के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और छात्राओं को कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत करवाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए रविवार को पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारियों के अलावा पंजाब महिला आयोग की अध्यक्ष मनीषा गुलाटी भी मौके पर पहुंची। उन्होंने पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की है।
दो दिन बंद रहेगा विश्वविद्यालय
विश्वविद्यालय प्रबंधन और पुलिस के तमाम दावों के बीच रविवार शाम फिर से छात्राओं ने विश्वविद्यालय के खिलाफ प्रदर्शन कर मामले को दबाने का आरोप लगाया। इस दौरान अधिकांश प्रदर्शनकारियों ने काले कपड़े पहने थे और पुलिस की मौजूदगी में हमें न्याय चाहिए जैसे नारे लगाए। वहीं विश्वविद्यालय ने जानकारी दी है कि 19 और 20 सितंबर को पढ़ाई नहीं होगी।
एसएसपी का दावा- सिर्फ आरोपी छात्रा का वीडियो मिला
मामला तूल पकड़ने के बाद एसएसपी विवेकशील सोनी ने प्रेस वार्ता में कहा कि आरोपी छात्रा के मोबाइल से सिर्फ उसी का वीडियो वायरल हुआ है। किसी अन्य छात्रा का वीडियो नहीं मिला है। जब उनसे सवाल किया गया कि अगर छात्रा ने अपने ही फोटो और वीडियो भेजे थे तो फिर छात्रा को क्यों गिरफ्तार किया गया। इस पर एसएसपी ने कहा- शिकायत आने के बाद मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी को क्लीन चिट नहीं दी गई है। अभी जांच जारी है। छात्राओं के साथ वार्डन से भी पूछताछ की जाएगी।
विश्वविद्यालय प्रबंधन ने कहा, फैलाई जा रहीं अफवाहें
चंडीगढ़ विश्वविद्यालय के चांसलर प्रो. आरएस बाबा ने कहा कि सोशल मीडिया पर भ्रम फैलाया जा रहा है कि सात छात्रों ने आत्महत्या की कोशिश की है। यूनिवर्सिटी में ऐसी कोई घटना नहीं हुई है। संस्थान का कोई छात्र अस्पताल में भर्ती नहीं है। 60 छात्रों के एमएमएस बनाने की खबर भी बेबुनियाद है। आरोपी छात्रा ने सिर्फ अपना वीडियो दोस्त को भेजा था। प्रबंधन जांच में सहयोग कर रहा है। विश्वविद्यालय अपने विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए गंभीर है।
जघन्य अपराध के दोषियों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई: भगवंत मान
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में हुई घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मामले की उच्चस्तरीय जांच का आदेश दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियां हमारी शान, मर्यादा और गौरव हैं और ऐसी कोई भी घटना निंदनीय है। उन्होंने कहा कि इस घटना से वह काफी दुखी हैं। इस जघन्य अपराध में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह जिला प्रशासन के लगातार संपर्क में हैं और पूरी स्थिति पर नजर बनाए हैं। उन्होंने लोगों से अफवाहों से बचने की अपील की है। साथ ही चेतावनी भी दी कि इस संवेदनशील मुद्दे पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।