2000 के नकली नोट छापने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड 'इंजीनियर' ने अब एक और चौंकाने वाला खुलासा किया, जो पंचकूला से जुड़ा है।
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मोहाली में नकली नोट छापने वाले का ड्राइवर गिरफ्तार
पूछताछ में सामने आया है कि आरोपियों ने पंचकूला की एक नामी स्टेशनरी की दुकान से नोट छापने के लिए पेपर खरीदा था। मोहाली पुलिस अब उक्त स्टेशनरी स्टोर के मालिक को राउंडअप कर पूछताछ करने की तैयारी में है। इसके लिए पुलिस की टीमें विभिन्न जगहों पर छापेमारी कर रही है। ताकि पता लगाया जा सके कि उसने उक्त पेपर और कितने लोगों को बेचा है।
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2000 के नकली नोट छापने वाले मोहाली के भाई-बहन
थाना सोहाना के एसएचओ हरसिमरन सिंह बल ने बताया कि आरोपी से पूछताछ चल रही है। कई और राज खुलने के आसार हैं। वीरवार को सोहाना पुलिस ने जिला अदालत में अर्जी दाखिल की थी। इसमें उन्होंने अदालत को बताया था कि 42 लाख की जाली करेंसी के मामले का मास्टर माइंड अभिनव वर्मा और उसकी बहन विशाखा वर्मा के ड्राइवर प्रमोद को गिरफ्तार कर लिया गया है। अब सभी को आमने सामने बैठाकर पूछताछ करनी है। इसलिए उन्हें नाभा जेल से लाने की अनुमति दी जाए। जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया था।
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नकली नोट छापने वाले भाई-बहन
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद शुक्रवार को नाभा जेल से दोनों आरोपियों को अदालत लाया गया। वहां पर पुलिस की टीम ने पूछताछ की। इस दौरान पता चला कि प्रमोद पहले दिल्ली से पेपर लाया था, लेकिन अभिनव को वह पसंद नहीं आया। इसके बाद अभिनव खुद पंचकूला से पेपर लाया था। जिस पर नोट छापे गए थे। इसके अलावा पूछताछ में पुलिस को कई अहम सुराग हाथ लगे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों से कई अहम जानकारियां उन्हें मिली हैं। जो केस से जुड़ी है।
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नकली नोट छापने वाले भाई-बहन
जिक्रयोग है कि 30 नवंबर को सोहाना पुलिस ने जगतपुरा टी-प्वाइंट पर स्पेशल नाके पर वीआईपी नंबर वाली लाल बत्ती लगी ऑडी कार को दबोचा था। इस दौरान जब कार की तलाशी ली गई तो 42 लाख रुपये की जाली करेंसी बरामद हुई थी। इस दौरान पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें एक अभिनव वर्मा, विशाखा वर्मा व सुमन नागपाल शामिल थे। जबकि हर्ष और प्रमोद उस समय पकड़ में नहीं आए थे।
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मोहाली के जाली नोट के कारोबारी
65 लाख की ही जाली करेंसी छापी थी: थाना सोहाना के एसएचओ ने बताया कि आरोपियों ने करोड़ों रुपये नहीं बल्कि 65 लाख रुपये की ही जाली करेंसी छापी थी। इसमें सभी नोट दो हजार के थे। वहीं, अब तक आरोपियों से 62 लाख रुपये की रिकवरी पुलिस कर चुकी है। उन्होंने दावा किया कि शेष रकम भी जल्द बरामद कर ली जाएगी।
30 फीसदी कमीशन पर बदलते थे नोट: आरोपियों ने पूछताछ में बताया था कि वह 30 फीसदी कमीशन काटकर हजार व पांच के पुराने नोट बदलते थे। इस दौरान वह उक्त लोगों को जाली नोट देते थे। इसके बाद पुलिस को मुल्लांपुर के दो लोगों ने भी इस संबंधी शिकायत दी थी। फिर पुलिस ने अभिनव के घर दबिश देकर 14 लाख के पुराने नोट बरामद किए थे। अभिनव बीटेक का स्टूडेंट है। लाइव ब्रेल बनाकर प्रधानमंत्री मोदी से सम्मानित हो चुका है।