फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भज्जी करेंगे नई शुरुआत: क्रिकेट से संन्यास के बाद हरभजन करेंगे ये काम, मां ने दिया आशीर्वाद, कहा- जो करेगा अच्छा ही करेगा

Sat, 25 Dec 2021 01:51 AM IST
ajay kumar सौरभ खन्ना, संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर (पंजाब)
विज्ञापन
1 of 6
हरभजन सिंह - फोटो : सोशल मीडिया
क्रिकेटर हरभजन सिंह ने शुक्रवार को जालंधर के पॉश इलाके छोटी बारादरी स्थित अपने घर में मां अवतार कौर का आशीर्वाद लेने के बाद क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा कर दी। भज्जी ने यह घोषणा दोपहर में इंटरनेट मीडिया पर की। क्रिकेट जगत में हलचल मच गई। भज्जी के तमाम चाहने वालों ने कई कमेंट किए और बहुत सारे सवाल भी पूछे। टर्बनेटर के नाम से विख्यात हरभजन सिंह उर्फ भज्जी ने 23 साल भारतीय क्रिकेट को दिए और गेंदबाजी ही नहीं बल्लेबाजी में भी जौहर दिखाए। हरभजन सिंह ने संन्यास लेने से पहले ही फिल्मी दुनिया में अपने करियर की संभानाएं तलाश ली हैं। उन्हें तमिल फिल्मों से अच्छा ऑफर मिल रहा है। इसके अलावा उन्होंने कुछ पंजाबी गीतों की एलबम में अभिनय करने की तैयारी कर रखी है। भज्जी ने अब तक पांच हिंदी, पंजाबी और तमिल फिल्मों में अभिनय किया है, जिसमें मुझसे शादी करोगी, भज्जी इन प्रॉब्लम, सेकेंड हैंड हसबैंड, डिकोलूना व फ्रेंडशिप शामिल हैं। 
विज्ञापन

2 of 6
हरभजन सिंह - फोटो : अमर उजाला
भज्जी का राष्ट्रीय क्रिकेट करियर शुरू हुआ ही था कि वर्ष 2000 में उनके पिता सरदेव सिंह का निधन हो गया। भज्जी ने घर का मुखिया होने की जिम्मेदारी निभाई और अपने कदम न रोकते हुए क्रिकेट पर ध्यान दिया। उन्होंने पांचों बहनों की शादी की और उसके बाद अपनी शादी फिल्म अभिनेत्री गीता बसरा से की। भज्जी अपने जन्मदिन के मौके पर अनाथ आश्रम में या बुजुर्ग आश्रम में जाकर वहां के सदस्यों के साथ जन्म दिन मनाते हैं।  इस दौरान उनकी मां अवतार कौर और परिवार के अन्य सदस्य भी होते हैं। जालंधर में उन्होंने 2001 से यह सिलसिला शुरू किया और आज तक उनका यह सिलसिला जारी है। भज्जी ने कोरोना काल में जब हर तरफ कोहराम मचा था तो उस दौर में जालंधर के 20 हजार परिवारों को राशन की किटें मुहैया करवाईं थीं। भज्जी ने दोस्तों संग मिलकर टीम बनाई और फिर जालंधर में रह रहे गरीबों व दिहाड़ीदार मजदूरों को राशन उपलब्ध करवाया।
विज्ञापन

3 of 6
हरभजन सिंह - फोटो : सोशल मीडिया
भज्जी आगे भी जो करेगा अच्छा ही करेगा, मेरी दुआएं हमेशा उसके साथ हैं: अवतार कौर
हरभजन सिंह की मां अवतार कौर ने कहा कि भज्जी आगे भी जो करेगा अच्छा ही करेगा, मेरी दुआएं हमेशा उसके साथ हैं। मेरा बेटा अपने लिए नहीं, बल्कि हमेशा देश के लिए ही खेला है। इसलिए आज पुरी दुनिया में उसके चाहने वाले हैं, जो भज्जी को बहुत प्यार करते हैं। भज्जी ने हमेशा एक अच्छा बेटा होकर दिखाया है। हमने कभी उसे कुछ करने से रोका नहीं, बल्कि उसने जो कहा हमने करने दिया। उसने हमेशा अच्छा परिणाम दिया, जिससे हमें गर्व महसूस होता है।

4 of 6
हरभजन सिंह - फोटो : पीटीआई
कोच ने भज्जी की बल्लेबाजी छुड़वाकर गेंदबाजी करवाई थी शुरू
हरभजन सिंह का जन्म जालंधर के रेलवे स्टेशन से एक किलोमीटर की दूरी पर निम्न मध्यमवर्गीय कालोनी दौलतपुरी के निवासी सरदार सरदेव सिंह के घर में तीन जुलाई 1980 को हुआ। दौलतपुरी की गलियों में स्कूल से भागकर कपड़े धोने वाली थापी (लकड़ी का छोटा बैट) से भज्जी गली में बच्चों के साथ क्रिकेट खेलना ज्यादा पसंद करते थे। कई क्रिकेट मैदानों में खेलने के बाद रेलवे ग्राउंड में खेले। भज्जी रेलवे के ग्राउंड से निकलकर जालंधर के बर्लटन पार्क क्रिकेट स्टेडियम में प्रैक्टिस करने पहुंच चुके थे।
विज्ञापन

5 of 6
हरभजन सिंह - फोटो : सोशल मीडिया
भज्जी पर तत्कालीन सचिव सुरजीत राय बिट्टा और राकेश राठौर की नजर पड़ी तो भज्जी का खेल और चमक उठा। भज्जी के पूर्व कोच दविंदर अरोड़ा बताते हैं दिल से भज्जी एक अच्छे इंसान हैं पर खिलाड़ी के तौर पर उनकी मेहनत ने उन्हें आगे बढ़ाया। रोजाना सुबह पांच से सात बजे तक स्टेडियम में प्रैक्टिस करने के बाद दोपहर में फिर 11 से 2 बजे तक प्रैक्टिस के लिए पहुंच जाते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
हरभजन सिंह
दो घंटे के आराम के बाद फिर शाम को 4 से 6 बजे तक भज्जी स्टेडियम में प्रैक्टिस करते थे। वैसे, पहले भज्जी बल्लेबाज बनने आए थे। कोच ने एक दिन उनके हाथों में गेंद पकड़ाई और उनके हाथ से निकली गेंद में नेचुरल स्पिन देखकर अरोड़ा खुद हैरान हो गए। फिर भज्जी की बल्लेबाजी छुड़वाकर उन्होंने गेंदबाजी शुरू करवा दी। इसे लेकर भज्जी कुछ समय नाराज भी रहे लेकिन कुछ सालों में ही सही गाइडेंस और भज्जी की मेहनत ने उन्हें क्रिकेट के शिखर तक पहुंचा दिया था।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें