रसोई गैस का एक सिलेंडर फट जाए तो बहुत नुकसान होता है, लेकिन 440 सिलेंडर एक साथ फटे तो ऐसे लगा, जैसे ज्वालामुखी फट गया हो। तस्वीरों में देखिए पूरा मामला।
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440 सिलेंडर एक साथ ऐसे फटे, जैसे ज्वालामुखी, 10 तस्वीरें
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हादसा, खन्ना-नवांशहर मुख्य मार्ग पर लुधियाना के गांव उदोवाल के पास हुआ। यहां एलपीजी गैस से भरे ट्रक में आग लगने से ट्रक में रखे करीब 440 सिलेंडर धमाकों के साथ फट गए। सिलेंडरों के टुकड़े कई सौ मीटर तक खेतों और घरों में गिरे। लगभग एक घंटे तक हुए धमाकों से घबराए उदोवाल के लोग घर छोड़ कर सुरक्षित स्थानों पर चले गए।
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ब्लास्ट के बाद ट्रक की डीजल टंकी भी करीब एक किलोमीटर दूर खेतों में जाकर गिरी। गैस सिलेंडरों के धमाके आसपास के कई गांवों में सुने गए और कई किलोमीटर की दूरी से आग की लपटें दिखाई दे रही थीं। हादसे के बाद खन्ना-नवांशहर मुख्यमार्ग पर आवाजाही को रोक दिया गया। फायर ब्रिगेड ने चार घंटे बाद आग पर काबू पाया। आग से करीब 400 सिलेंडर मलबे में बदल गए थे।
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गाड़ी चालक गांव तलवंडी निवासी लभु राम ने कहा कि वह लालडू़ से कपूरथला के लिए भारत गैस के 440 सिलेंडर ट्रक में लोड कर निकला था। गांव उदोवाल के पास उसने गाड़ी के पीछे आग लगी देखी। तुरंत गाड़ी रोक आग बुझाने की कोशिश की। सफल न हुआ तो शोर मचा गांववाले जमा कर लिए।
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गांव उदोवाल के सरपंच बलबंत सिंह ने कहा कि धमाके हुए तो गांव वालों ने औरतों और बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। दोराहा में पिछले दिनों हुई अमोनिया गैस रिसाव वाली घटना के बाद से लोगों में जबरदस्त दहशत थी। वारदात के बाद ज्यादातर लोग घर खुले छोड़कर ही सुरक्षित जगहों पर चले गए।
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हादसे की जगह में अगर पचास गज का और फासला होता तो कई जानें जा सकती थीं। उदोवाल गांव मुख्य मार्ग पर बसा है गांव में पड़ता मुख्य मार्ग का 300 फुट टुकड़ा किसी कारण बस नहीं बन पाया है। यहीं हादसा हुआ। अगर पचास गज आगे जाकर घनी आबादी में ब्लास्ट होता तो बड़ा नुकसान हो सकता था।
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ग्रामीण जोगिंदर ने बताया कि वे रात को परिवार को लेकर गांव से निकल गए थे। सुबह आकर देखा तो घर में सिलेंडर के टुकड़े पड़े थे। धमाकों से कुछ देर पहले पूरा परिवार आंगन में उसी जगह बैठा था, अगर रात को वे यहां रुकते तो परिवार के लिए घातक होता। वहीं ग्रामीण जसपाल सिंह, हरपाल सिंह, बहादुर सिंह और हरबिलास सिंह ने बताया कि उनके घरों में ब्लास्ट के बाद सिलेंडरों के टुकड़े आकर गिरे हैं।
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सारी रात डर और सहम के माहौल में बिता चुके गांव उदोबाल, रहीमा बाद कलां व खुर्द, धुमाणा, माला धुमाणा टांडा और जातिवाल के लोगों ने बताया कि सारा मुख्य मार्ग सही हालत में है, लेकिन 2006 से केस चलने के कारण गांव उदेवाल का 500 गज का सड़क का टुकड़ा नहीं बन पाया है।
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हर रोज यहां हादसे होते ही रहते हैं। सोमवार रात को हुए हादसे का कारण भी टूटी सड़क ही है। एक दो दिन प्रशासन का इंतजार करेंगे। उसके बाद गांवों के लोग मिलकर उदोवाल की इस सड़क को बनाने के लिए धरने पर बैठेंगे। जब तक सड़क नहीं बनेगी, ग्रामीण रोज धरना देंगे।
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मंगलवार सुबह संबंधित गैस कंपनी के अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और आग लगने के कारणों की जांच शुरू की। विधानसभा हलका समराला से कांग्रेसी विधायक अमरीक सिंह ढिल्लों और अकाली दल के पूर्व विधायक जगजीवन सिंह खीरनीयां ने गांव पहुंच कर लोगों को ढांढस बंधाया।