देश का सबसे ऊंचा 360 फुट तिरंगा पिछले तीन दिनों से नहीं फहरा रहा है। अटारी बार्डर पर लगा यह तिरंगा तीसरी उतार दिया गया है।
विज्ञापन
2 of 7
अटारी बॉर्डर पर देश का सबसे ऊंचा तिरंगा फहराया गया
- फोटो : File Photo
अटारी बार्डर पर लगा देश का सबसे ऊंचा 360 फुट तिरंगा तीसरी बार फटने से उतार दिया गया है। तिरंगा की देखभाल नगर सुधार ट्रस्ट के कंधे पर है। ट्रस्ट ने इस बाबत तिरंगा लगाने वाली होशियारपुर की भारत कंपनी को नोटिस जारी करते हुए टेक्निकल रिपोर्ट मांग ली है। उधर, देश-दुनिया भर से अटारी बार्डर पर आने वाले पर्यटक देश का सबसे ऊंचा तिरंगा लहराता न देख मायूसी से लौट रहे हैं।
विज्ञापन
3 of 7
अटारी बॉर्डर पर देश का सबसे ऊंचा तिरंगा फहराया गया
- फोटो : फाइल फोटो
अटारी बार्डर पर रिट्रीट सेरेमनी गाजियाबाद से देखने आई रेनू तिवारी कहती हैं कि मेरी फ्रेंड लखनऊ के आलमबाग में रहती है। कहा था कि अटारी बार्डर पर रिट्रीट सेरेमनी देखने जा रही हो, वहीं से सेल्फी लेकर मुझे भेजना। मैं भी बहुत खुश थी लेकिन पता चला कि तिरंगा तीन दिन पहले फट गया था, उतार दिया गया है।
4 of 7
सरहद पर फहराया देश का सबसे ऊंचा तिरंगा
- फोटो : File Photo
खास बात है कि तिरंगा स्थल तक जाने पर सैलानियों को रोक लगाते हुए फोटो खींचने की मनाही कर दी गई है। चूंकि इलाका बीएसएफ के अधीन है और तिरंगा बिल्कुल पाकिस्तान से सटे कंटीले तार के साथ लहरा रहा था, ऐसे में दूर से फोटो भी मोबाइल में धुंधली दिखती है। लाइटें बंद होने से छह हजार टन वजनी खंबा अंधेरे में नजर नहीं आता।
विज्ञापन
5 of 7
सरहद पर फहराया देश का सबसे ऊंचा तिरंगा
- फोटो : फाइल फोटो
नगर सुधार ट्रस्ट के चैयरमैन सुरेश महाजन कहते हैं कि अटारी बार्डर पर बीस दिन में तीसरी बार फट गया है। 360 फुट ऊंचा तिरंगा फहराने का कांट्रेक्ट लेने वाली कंपनी ने किस इंजीनियर के कहने पर सबसे ऊंचा तिरंगा फहराया, इसकी रिपोर्ट मांगी है। देश का सबसे ऊंचा तिरंगा तीन दिन से नहीं फहरा रहा। लाहौर तक दिखने वाला तिरंगा को लेकर पाकिस्तान की अवाम क्या सोचती होगी। मैं कहता हूं कि पूर्व निकाय मंत्री अनिल जोशी, कंपनी के साथ-साथ तिरंगा फहराने में भूमिका निभाने वाले सभी लोगों पर देशद्रोह का मामला दर्ज हो। मैं कल इस बाबत प्रेस कांफ्रेंस करूंगा।
विज्ञापन
6 of 7
सरहद पर फहराया देश का सबसे ऊंचा तिरंगा
- फोटो : File Photo
तिरंगा पर राजनीति
देश का सबसे ऊंचा तिरंगा लहराते ही राजनीति शुरू हो गई थी। तिरंगा समारोह में तत्कालीन निकाय मंत्री अनिल जोशी की टोली ही शामिल दिखी वहीं बाद में जमकर बयानबाजी हुई। नगर सुधार ट्रस्ट ने सारा पैसा इस पर खर्च तो किया लेकिन चेयरमैन सुरेश महाजन को बुलाया ही नहीं गया। मेयर बख्शी राम अरोड़ा, पूर्व सेहत मंत्री प्रोफेसर लक्ष्मीकांता चावला के बयान आए कि उन्हें बुलाया ही नहीं गया। जिला भाजपा प्रधान राजेश हनी बोले कि उन्हें तो इसकी जानकारी ही नहीं है।
मतगणना के पांच दिन पहले फहराया तिरंगा
पूर्व निकाय मंत्री अनिल जोशी ने विधानसभा चुनाव की मतगणना के पांच दिन पहले देश का सबसे ऊंचा तिरंगा फहराते हुए बीएसएफ से सलामी ली थी। बेटे ने बटन दबाया था, पत्नी साथ थी। अटारी बार्डर पर तैनात रहे बीएसएफ के डीआईजी सुमेर सिंह को दिल्ली मुख्यालय से भेजा गया था। पंजाब भाजपा प्रधान कमल शर्मा खास मेहमान थे। देश का मीडिया मौजूद था। सवाल सबके जुबां पर एक था जमीन गीली है, इंतजाम मुकम्मल नहीं हैं।