कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए लोग मास्क का प्रयोग कर रहे हैं, लेकिन उनके लिए ये जानना बेहद जरूरी है कि कौन-सा मास्क ज्यादा कारगर साबित होगा। ज्यादा देर तक मास्क लगाने से होने वाले नुकसान से बचाव के लिए लोग स्किन स्पेशलिस्ट के पास जा रहे हैं। किसी को एलर्जी की समस्या बढ़ गई है तो कोई स्किन पर दाग होने की शिकायत कर रहा है। ऐसे में जरूरी है कि सही मास्क के प्रयोग की जानकारी सभी को हो जाये। इसके बारे में विस्तृत जानकारी दे रहे हैं डॉ विकास शर्मा...
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कोरोना मास्क
- फोटो : अमर उजाला
ऐसा मास्क लें, जिसकी रेटिंग N95 हो
मास्क लेते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें की मास्क आपके साइज़ का हो यानी इस बात को समझ लें कि यह आपको सही से फिट हो जाए। कई बार ऐसा हुआ है कि लोग मास्क तो ले लेते हैं लेकिन मास्क में पूरी तरह हवा आती-जाती रहती है। ऐसे मास्क पहनने का कोई फायदा नहीं होगा। मास्क ऐसा होना चाहिए, जो हवा के छोटे-से-छोटे कणों को रोकने में सक्षम हो और सांस को बाहर छोड़ने के लिए एक बेहतर वेंटिलेशन भी प्रदान करे।
ट्रिपल लेयर मास्क: संक्रमण से बचने के लिए यह मास्क कुछ कारगर है लेकिन इससे भी 30 से 40 प्रतिशत तक ही बचाव हो पाता है। तीन लेयर होने की वजह से यह संक्रमण को कुछ हद तक रोकने में कामयाब रहता है। इसकी कीमत 50 रुपये से शुरू होती है और 200 रुपये तक जाती है।
सिक्स लेयर मास्क: यह संक्रमण से काफी हद तक बचाव करता है। इससे संक्रमण में लगभग 80 फीसदी बचाव हो सकता है परंतु बहुत अधिक संक्रमित क्षेत्र में यह अधिक कारगर नहीं है। यह काफी हद तक वायरस से संक्रमित होने से बचाता है। यह 200 रुपये से लेकर 1000 रुपये तक की रेंज में उपलब्ध है। इस मास्क को कई बार धोकर इस्तेमाल किया जा सकता है ।
एन-95: यह मास्क संक्रमण से बचने के लिए सबसे सुरक्षित मास्क माना जाता है। यह संक्रमण को शरीर में जाने से रोकता है। इस मास्क का मूल्य 1000 रुपये से शुरू होकर 1500 रुपये है। डॉक्टर भी आमतौर पर इसी मास्क का प्रयोग करते हैं। लेकिन यह मास्क बेहद टाइट होते हैं और इसी वजह से इन्हें लंबे समय तक पहने रहना संभव नहीं है।
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कोरोना मास्क
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कैसे पहनें मास्क?
मास्क पहनने से पहले एल्कोहल बेस वाले हैंड सैनिटाइजर, या साबुन और पानी के साथ हाथ धोएं। अपने मुंह, नाक को मास्क से कवर करें और ध्यान रखें कि आपके चेहरे और मास्क के बीच हवा आने की कोई जगह ना रहे। मास्क पहनने के बाद उसे छूने से बचें। अगर आपको ऐसा करना है तो एल्कोहल बेस वाले किसी साबुन से हाथ धोकर ही करें। सिंगल यूज़ मास्क को दोबारा यूज ना करें, अगर मास्क ढीला या गीला हो जाए तो उसे दोबारा यूज ना करें। मास्क को हटाने के लिए उसे सामने से ना छुएं। इसे पीछे से पकड़ कर हटाएं और तुरंत ही एक ढंके हुए कूड़ेदान में उसे डाल दें। मास्क हटाने के बाद दोबारा हाथ एल्कोहल बेस वाले साबुन और पानी से धोएं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
किन्हें है मास्क की आवश्यकता?
डॉक्टर्स ने लोगों से अपील की है कि बेवजह ही घबराने की ज़रुरत नहीं है। अगर किसी को खांसी, बुखार, ज़ुकाम नहीं है या अगर छींके नहीं आ रही हैं तो ऐसे आदमी को मास्क पहनने की ज़रुरत नहीं है। इसके अलावा जिन लोगों में यह लक्षण दिख रहे हैं, उन लोगों को मास्क पहनना अनिवार्य है।
मास्क के अलावा किन बातों का रखें ध्यान
मास्क पहनने के अलावा डॉक्टर्स ने लोगों को कुछ सावधानियां बरतने के लिए कहा है। जैसे- जब भी आप किसी वस्तु और व्यक्ति के संपर्क में आएं तो उसके तुरंत बाद हाथों को सैनिटाइजर, साबुन या हैंड वॉश से धोएं। इसके अलावा जो व्यक्ति छींक या खांसी से ग्रसित हो, उसे दूरी बनाकर रखें।
अगर हाथ साफ नहीं है तो आंख और मुंह को छूने से बचें
यदि आपने अनचाहे स्थानों और लोगों से हाथ मिलाया है या आप किसी तरह उनके संपर्क में आए हैं तो कोशिश करें कि अपने मुंह पर हाथ न लगाएं । यदि आप मुंह, आंख, कान, नाक आदि पर हाथ लगाएंगे और आपके हाथ में कीटाणु मौजूद हैं तो वो आपकी नाक द्वारा आपकी सांसों में चले जाएगा और मुश्किल खड़ी कर सकता है। इसलिए ध्यान रहे कि जब भी कहीं बाहर से लौटें तो फौरन किसी साबुन, हैंड वॉश और सैनिटाइज़र से हाथ धोएं।
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सावधानियां...
अगर आपने रेस्पिरेटर्स मास्क को सही से नहीं पहना या उसे सही फेंकते हुए सावधानी नहीं रखी तो इससे आपको इंफेक्शन का खतरा और बढ़ सकता है। कई लोग मास्क पहनने के बाद चेहरे पर अधिक हाथ लगाते हैं। मास्क पहनने से पहले और बाद में अगर आपने हाथ नहीं धोए तो आपको कोरोना का खतरा अधिक हो सकता है। अगर आप स्वस्थ्य हैं तो आपको केवल तभी मास्क पहनने की ज़रूरत है जब आप कोरोना वायरस के मरीज़ या उसके लक्षण वाले मरीज की देख-भाल कर रहे हों। अगर आपको खांसी या छींक आ रही है तो आप मास्क पहनें। अगर आप मास्क पहन रहे हैं तो आपको पता होना चाहिए कि इसे कैसे यूज़ और डिस्पोज करना है।
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रेस्पिरेटर्स मास्क कैसे अलग है सर्जिकल मास्क से?
रेस्पिरेटर्स मास्क प्रदूषण और कोरोना वायरस जैसी बीमारियों से बचने के लिए काम आते हैं। हवा के मौजूद कणों को यह कितने प्रतिशत तक रोक सकता है और कितने आकार के कणों को यह रोक सकता है, उसके हिसाब से इसकी पहचान होती है। सेंटर्स फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के अनुसार N90 रेस्पिरेटर्स मास्क जिसकी कोरोना वायरस से बचने के लिए सबसे अधिक मांग है, वो 90 प्रतिशत तक बचाव करता है। N95, 95 प्रतिशत तक बचाव करता है और N100 99.97 प्रतिशत तक बचाव करता है। यह एक पर्सनल प्रोटेक्शन इक्यूपमेंट है जिसे हैल्थवर्कर गंभीर बीमारी वाले मरीजों का इलाज़ करते हुए प्रयोग करते हैं या बीमार लोग प्रयोग करते हैं ताकि उनकी बीमारी किसी और में ना फैले। लेकिन कोरोना वायरस के डर की वजह से अब सभी इन मास्क को खरीद कर रखना चाह रहे हैं।
कितनी बार पहन सकते हैं N90/N95 रेस्पिरेटर्स मास्क?
N90 या N95 मास्क आप कितनी देर या कितनी बार पहन सकते हैं यह इस पर निर्भर करता है कि आप उसे पहनकर क्या करते हैं। आदर्श स्थिति ये है कि N95 मास्क हर दिन बदलना चाहिए लेकिन ये हैल्थकेयर वर्कर्स या इंडस्ट्रियल प्लांट्स में काम करने वालों के लिए लागू होता है। लेकिन अगर आप रोज़मर्रा की लाइफ़ में N90 जैसे मास्क यूज़ कर रहे हैं तो इसे 10-11 दिन पर बदल लेना चाहिए। आपके चेहरे का पसीना या सांस का मॉइश्चर भी मास्क के भीतर अधिक दिन तक जमा होने से इंफेक्शन का ख़तरा बढ़ सकता है।
रेस्पिरेटर्स मास्क में जितना मॉइश्चर जमा हो जाता है उसमें सांस लेना उतना ही मुश्किल हो जाता है। आपको लगता है कि आप रेस्पिरेटर्स मास्क पहनने इसे उपयोग करने और इसे डिस्पोज़ करने में पूरी सावधानी रखेंगे तभी इसे प्रयोग करें। अभी तक यह साबित नहीं हो पाया है कि कोरोना हवा से फैलता है। इन दिनों अस्पतालों में हैल्थवर्कर्स और कोरोना के मरीज़ों के लिए रेस्पिरेटर्स मास्क की पहले ही कमी है। अगर आप स्वस्थ्य हैं तो बाज़ार से ये मास्क ख़रीद कर जमा करते वक्त ये ध्यान रखें कि कहीं आप उनके लिए तो मुश्किलें पैदा नहीं कर रहे जिन्हें इसकी वाकई ज़रूरत है।
वर्ना जाने-अंजाने बाजार और अस्पतालों में N90 मास्क की मौजूदा कमी के बीच आप अस्पतालों और हैल्थकेयर वर्कर्स के लिए अभाव पैदा कर सकते हैं। आप जो भी मास्क पहन रहे हैं वो प्रमाणिक तौर पर इस काबिल होना चाहिए कि वो PM 2.5 में 95 प्रतिशत हवा को शुद्ध कर सके। यह प्रमाणन अमेरिकन NOISH, जिसने N95, N99 और N100 को अपना स्टैंप दिया है या यूरोपियन EN149 FFP2 या चाइनीज़ YY-0469 होना चाहिए।