हंगामा की सूचना मिलते ही पीजीआई के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। परिजनों ने गाड़ी रुकवा कर उनसे भी बता की, लेकिन तब तक काफी वक्त निकल चुका था। नतीजा, पांचों कैंडीडेट्स एग्जाम देने से वंचित रह गए।
परिजनों का आरोप है कि एग्जाम का समय 10 बजे था, लेकिन सेंटर का गेट 9 बजे ही बंद कर दिया गया। उन्होंने एग्जामिनर्स से बात की, लेकिन किसी ने उनकी बात नहीं सुनी।
परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। अब वे पीजीआई डायरेक्टर से मामले की बात करेंगे और अदालत का दरवाजा भी खटखटाएंगे, ताकि स्टूडेंट्स के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले एग्जामिनर्स को सजा मिले।
10 सेंटरों पर दो चरणों में परीक्षा आयोजित हुई। इन पदों के लिए कुल 16 हजार आवेदन आए थे। प्रश्नपत्र केवल अंग्रेजी भाषा में होने के कारण बहुत से प्रतिभागियों को परेशानी भी हुई।
पहली बार केवल एक ही भाषा का विकल्प परीक्षा में रहा। इससे पहले अंग्रेजी और हिंदी प्रश्नपत्र होता था। परीक्षा देकर लौटे हिंदी माध्यम के कई स्टूडेंट्स को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
जेबीटी केबाद अब 548 टीजीटी पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा होनी है। इसमें 14 फरवरी को पहले सामान्य परीक्षा होगी। उसके बाद 14 से 28 फरवरी तक वैकल्पिक परीक्षा होगी।