चुनाव जीतते ही सीएम ने कहा कि हम लालबत्ती वाली कार में नहीं बैठेंगे। तो उनके ही एक विधायक ने देखिए क्या जवाब दिया...
विज्ञापन
2 of 7
राणा गुरजीत ने लालबत्ती हटाने से किया इनकार
- फोटो : File Photo
पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार की ओर से वीआईपी कल्चर खत्म करने का ऐलान किए जाने के अगले दिन ही बड़ा झटका लगा है। कैप्टन की सरकार में सिंचाई और बिजली मंत्री राणा गुरजीत सिंह ने अपनी सरकारी गाड़ी से लाल बत्ती हटाने से इनकार कर दिया है।
विज्ञापन
3 of 7
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और उनकी कैबिनेट के अधिकांश मंत्रियों ने अपने सरकारी वाहनों से लाल बत्ती हटा दी थी, लेकिन कैबिनेट मंत्री राणा गुरजीत सिंह की राय इस मामले में अपनी सरकार के फैसले से बिल्कुल अलग है।
4 of 7
rana gurjeet singh
- फोटो : amar ujala
एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में उन्होंने यह कहते हुए अपनी गाड़ी से लाल बत्ती हटाने से इनकार कर दिया, ‘‘मैं तो लाल बत्ती वाली कार में बैठूंगा। बड़ी मुश्किल से मिली है। घुटने रगड़कर यह मौका मिला है।’’ इसके साथ ही उन्होंने सवाल किया, ‘‘मेरे लिए ही नहीं, सिक्योरिटी का क्या करोगे? किसी मंत्री को कुछ हो जाए तो आप क्या करोगे?’’
विज्ञापन
5 of 7
Punjab Cabinate meeting
- फोटो : अमर उजाला
राणा गुरजीत सिंह के इस बयान से यह साफ हो गया कि वीआईपी कल्चर खत्म करने की कैप्टन की मुहिम पूरी तरह प्रभावी नहीं हो सकेगी। हालांकि, राणा गुरजीत सिंह के इस बयान को आधार बनाकर जब पंचायत मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा से पूछा गया कि क्या वे लाल बत्ती वाली कार ही चाहेंगे, तो उन्होंने साफ इनकार करते हुए बताया कि उन्होंने अपनी गाड़ी से लाल बत्ती हटवा दी है। राणा गुरजीत सिंह के बयान के बारे में बाजवा ने कहा कि यह उनका अपना नजरिया है, मैं तो लाल बत्ती हटा चुका हूं।
विज्ञापन
6 of 7
राणा गुरजीत ने लालबत्ती हटाने से किया इनकार
मेरी चिंता इस बात को लेकर है कि बिना लाल बत्ती मंत्रियों को पहचानेगा कौन? रास्ते में किसी तरह का खतरा होने या हादसे में मंत्रियों को तुरंत मदद मिलना मुश्किल हो जाएगा। फिर भी अगर सीएम साहब कहेंगे तो मैं भी लाल बत्ती हटा दूंगा।
-राणा गुरजीत सिंह सिंचाई व बिजली मंत्री, पंजाब सरकार।
बता दें कि कैप्टन की अध्यक्षता में शनिवार को हुई कैबिनेट की पहली बैठक में सरकार ने वीआईपी कल्चर खत्म करने का फैसला लेते हुए मुख्यमंत्री, मंत्री और आला अफसरों की गाड़ियों पर लाल बत्ती नहीं लगाने का एलान किया था।