चीन आज भारत को आंख दिखा रहा है, लेकिन शायद वो ये नहीं जानता कि भारत के इस एक कदम से उसकी पूरी अर्थव्यवस्था तबाह हो सकती है।
विज्ञापन
2 of 10
India China Dispute
भारत और चीन के बीच चल रहे दोकलम विवाद को लेकर इंडियन आर्मी पूरी तरह से मुस्तैद है। इसी विवाद को लेकर जहां सेना ने चीन के बार्डर पर जवानों की नफरी बढ़ा दी है, वहीं उत्तर भारत की तमाम सैन्य छावनियों को भी पूरी तरह से अलर्ट कर दिया गया है।
विज्ञापन
3 of 10
भारत चीन बॉर्डर
सेना हाईकमान ने अपने खुफिया तंत्रों को चीन व पाक बार्डर की हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए ज्यादा सक्रिय रहने के निर्देश दिए हैं। चीन द्वारा बार-बार युद्ध की धमकियां दिए जाने की वजह से सेना गंभीर है और यह कदम उठा रही है।
4 of 10
china
उधर, रिटायर्ड कर्नल सतनाम सिंह की माने तो हिंदी-चीनी भाई-भाई का नारा देकर 1962 में चीन ने देश के साथ बड़ा धोखा किया था। उस वक्त न तो भारतीय सेना के पास पर्याप्त गोला-बारूद था और न ही पर्याप्त जवान, इसलिए हार देखनी पड़ी।
विज्ञापन
5 of 10
भारत-चीन
- फोटो : The Washington Post
लेकिन अब हालात 1962 जैसे नहीं है। चीन ने हमला किया तो न केवल मुंह की खाएगा, बल्कि भारत से उसके कारोबारी रिश्ते भी खत्म हो जाएंगे। इससे उसकी अर्थव्यवस्था बुरी तरह से प्रभावित होगी।
विज्ञापन
6 of 10
चीन सैनिक
- फोटो : reuters
रिटायर्ड ब्रिगेडियर मंजीत सिंह के अनुसार चीन पहले अपने हालात देखे, उसके बाद युद्ध की धमकी दे। चीन के पास आज युद्ध का ज्यादा अनुभव नहीं है।
विज्ञापन
7 of 10
वहीं भारत ने 1962 के बाद 1965, 1971 और 1999 के युद्ध लड़े हैं। पाक प्रायोजित आतंकवाद से भारत आज भी लड़ रहा हैं। हमारे जवानों और अफसरों में जबरदस्त जज्बा और उत्साह है।
8 of 10
china
- फोटो : AFP
रक्षा मंत्रालय के ज्वाइंट डायरेक्टर (रिटायर्ड) तीर्थ राम काला के अनुसार पाक को खुश करने के लिए चीन सिर्फ धमकियां दे रहा है। युद्ध हुआ तो चीन को आज बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी।
9 of 10
china
- फोटो : Getty Images
चीन भले ही भारत को बार-बार युद्ध की धमकियां दे रहा है, लेकिन चीन के बाशिंदे इसके पक्ष में नहीं है। चीनी व्यापारियों के लिए भारत एक बड़ा बाजार है।