16 साल के स्टूडेंट्स हर्षित को Google में 1.44 करोड़ के पैकेज के नाम पर फ्रॉड हुआ है। उसका चयन गूगल में नहीं हुआ है।
विज्ञापन
2 of 9
Google I/O 2017
चंडीगढ़ के गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल सेक्टर - 33 के स्टूडेंट्स हर्षित का चयन गूगल में नहीं हुआ। शिक्षा विभाग की ओर से यह माना गया है। इस मामले को लेकर बुधवार को स्कूल की प्रिंसिपल की पेशी जांच कमेटी के सामने हुई। प्रिंसिपल के अलावा पब्लिक रिलेशन डिपार्टमेंट, स्कूल टीचर्स और स्कूल के पीआरओ की पेशी भी होगी। इसमें सभी पक्षों से पूछताछ के बाद कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
3 of 9
Google
जीएमएसएसएस - 33 की प्रिंसिपल इंदिरा बेनीवाल बुधवार को डीपीआई के सामने पेश होकर पूरे मामले की दी है। रिपोर्ट में उन्होंने बताया कि हर्षित के पैरेंट्स को यह पता था कि उसका चयन गूगल में हुआ है। उन्होंने गांव में सरपंच से बेटे को सम्मानित करवाया है। अब वह इस बात से इंकार कर रहे हैं।
4 of 9
गूगल में नौकरी के नाम पर हर्षित के साथ फ्रॉड!
हर्षित जब स्कूल आया था तो टीचर को उसने गूगल का लेटर दिखाया था। आईटी के बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए हमने हर्षित की बात को विभाग केपास भेजी थी। इसमें जो भी फर्जीवाड़ा हुआ है। उसके पैरेंट्स इस बात को जानते हैं। लेकिन अब वह हर्षित के गूगल की चयन की बाद सिरे से खारिज कर रहे हैं। हालांकि अभी हर्षित के पैरेंट्स और उससे बातचीत नहीं हो पाई है।
विज्ञापन
5 of 9
गूगल में नौकरी के नाम पर हर्षित के साथ फ्रॉड!
इस मामले को लेकर यूटी के डायरेक्टर स्कूल एजूकेशन ने बुधवार को गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल सेक्टर - 33 की प्रिंसिपल से रिपोर्ट मांगी थी। उन्होंने अपना पक्ष रख दिया है। अभी मामले की जांच जारी है। चंडीगढ़ शिक्षा विभाग के डायरेक्टर स्कूल एजुुकेशन रूबिंदर जीत सिंह बराड़ ने बताया कि अभी मामले की जांच चल रही है।
विज्ञापन
6 of 9
गूगल में नौकरी के सवाल पर परिवार ने काटी कन्नी
इस मामले में अभी सभी तथ्यों पर जांच की जाएगी। इस मामले में अभी यह भी जांचा जाएगा कि हर्षित के साथ गूगल कंपनी के नाम पर किस तरह से धोखाधड़ी हुई है। क्या गूगल में जॉब दिलाने के नाम पर पैसे की वसूली तो नहीं की गई है। वहीं उसने गूगल के लिए कैसे अप्लाई किया है। यह सब जानकारी जुटाई जाएगी। वहीं प्रशासन के डायरेक्टर पब्लिक रिलेशन की ओर से किस तरह से प्रेस रिलीज जारी की गई है। इन सभी तथ्यों की जांच की जाएगी। सभी तथ्यों को जांचने के बाद अगर जो इसमें जिम्मेवार पाया जाएगा। उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
7 of 9
स्कूल द्वारा जारी किया गया प्रेस नोट
बता दें कि यूटी शिक्षा विभाग ने विज्ञप्ति जारी कर दावा किया था कि गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल सेक्टर- 33 से 12 वीं पास छात्र हर्षित को गूगल ने चयनित कर 1.44 करोड़ के सालाना पैकेज पर नौकरी का प्रस्ताव दिया है। विज्ञप्ति में दावा था कि चयन 29 जुलाई को किया गया था। अब जहां शिक्षा विभाग ने यह बात सामने आते ही इंक्वायरी मार्क कर दी थी। इसके बाद अभी इंक्वायरी के कई पहलुओं पर जांच चल रही है।
8 of 9
Google
हर्षित का फोन बुधवार को भी बंद रहा है। वहीं सवाल उठता है कि कहीं हर्षित की तरफ से तो गुमराह नहीं किया गया या उसे कोई दूसरा ही सवालों के घेरे में खड़ा कर गया है? इस मामले की गड़बड़ी में कौन कौन से विभाग है। स्कूल की ओर से बिना जांचे विज्ञप्ति कैसे जारी की गई। अगर यह स्कूल की ओर से जारी की गई तो जनसंपर्क विभाग चंडीगढ़ ने इसकी जांच क्यों नहीं की।
उसने भी बिना जांचे प्रेस रिलीज क्यों जारी की। इस सभी पहलुओं पर अभी जांच होगी। इसके बाद ही जांच कमेटी फैसला लेगी। हर्षित के मोबाइल की आखिरी लोकेशन गुड़गांव में थी।
चंडीगढ़ सेक्टर- 33 से 12 वीं पास छात्र हर्षित को गूगल ने 1.44 करोड़ के सालाना पैकेज पर चयन
गूगल में हर्षित की नियुक्ति मामले में जांच कमेटी जांच कर रही है। इसमें प्रशासन, स्कूल के टीचर्स सहित सभी संबंधित विभागों से जवाब मांगा गया है। जो भी इसमें दोषी पाया जाएगा। उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रूबिंदर जीत सिंह बराड़, डीएसई, चंडीगढ़ शिक्षा विभाग