कोरोना का टेस्ट हो रहा या बांटा जा रहा संक्रमण
हॉस्पिटल में बनाए गए कोरोना टेस्टिंग सेंटर में जहां मरीजों का नमूना एकत्र करने की व्यवस्था है, वहां की स्थिति और भी चिंताजनक और गंभीर है। वहां जाने वाला हर संदिग्ध मरीज उस गेट को खुद ही खोलता और बंद करता है। अंदर जाकर नमूना देने के बाद वह हाथ बिना सेनेटाइज किए हुए वापस आता है। ऐसी स्थिति में वहां जाने वाले उन अन्य मरीजों के लिए खतरा बढ़ता जा रहा है, जो कोरोना संक्रमित नहीं हैं।
मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि इस यूनिट में गेट पर हाथों को सैनिटाइज कराने की व्यवस्था की जानी चाहिए ताकि दरवाजा खोलने से किसी प्रकार के संक्रमण फैलने का कोई खतरा न रहे। वहीं टेस्ट कराने आने वाले मरीजों के बैठने की व्यवस्था सोशल डिस्टेंसिंग के मानकों के अनुसार होनी चाहिए। मौजूदा समय में वहां चंद कुर्सियां ही हैं।
अस्पताल में कोरोना से बचाव के मानकों की व्यवस्था करने के साथ ही उसका पूरी तरह पालन सुनिश्चित कराया गया है। जहां तक सोशल डिस्टेंसिंग की अनदेखी की बात है तो लोगों में जागरुकता का अभाव होने के कारण उसका शत प्रतिशत पालन नहीं हो पा रहा। - डॉ. वीके नागपाल, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट, जीएमएसएच-16