नाकों के शहर में धमाका हुआ है। 1500 से 1600 पुलिसकर्मी सड़कों पर तैनात थे। इसके बावजूद हमलावर न केवल शहर में दाखिल हुए बल्कि ग्रेनेड हमलाकर भाग निकले। पहरेदारी के बीच चंडीगढ़ पुलिस फेल हो गई।
चंडीगढ़ के हर चप्पे पर नाकाबंदी, हजारों पुलिसकर्मियों की तैनाती और लगातार अलर्ट के दावों के बावजूद सेक्टर-37 में पंजाब भाजपा कार्यालय के बाहर ग्रेनेड हमला चंडीगढ़ पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल गया। बीते कुछ दिनों में हुई घटनाओं में चंडीगढ़ पुलिस हालात पर नियंत्रण पाने में फेल रही है। पंजाब यूनिवर्सिटी में सोपू नेता जश्न जावंधा पर फायरिंग और इसके बाद सेक्टर-9 में प्रॉपर्टी डीलर चमनप्रीत सिंह चन्नी की दिनदहाड़े हत्या के बाद प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने पुलिस अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई थी। इसके बाद 24 घंटे नाके लगाने और सख्त निगरानी के निर्देश दिए गए थे।
वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश पर शहर में एक थाने के अंतर्गत दो और एक चौकी के अंतर्गत एक नाका लगाया गया। बुधवार को भी करीब 50 नाके सक्रिय थे। दिन-रात रोटेशन में 1500 से 1600 पुलिसकर्मी सड़कों पर तैनात थे। इसके बावजूद हमलावर न केवल शहर में दाखिल हुए बल्कि ग्रेनेड हमलाकर भाग निकले।
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पंजाब भाजपा कार्यालय के बाहर धमाका, जांच करती सीएफएसएल, फॉरेंसिक टीम और नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी
- फोटो : अमर उजाला
चौंकाने वाली बात यह है कि जिस भाजपा कार्यालय के बाहर यह हमला हुआ, वहां पहले से ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे। सीआरपीएफ और पंजाब पुलिस के जवान तैनात थे। गेट पर भी सुरक्षाकर्मी मौजूद थे।
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इसके बावजूद हमलावरों ने ग्रेनेड फेंका और बिना किसी बाधा के भाग निकले। सीआरपीएफ के एक जवान ने कहा कि उन्हें यह तक पता नहीं चला कि हमला कब और कैसे हुआ।
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पहले भी हो चुके हैं कई धमाके
चंडीगढ़ में यह पहला मामला नहीं है। 11 सितंबर 2024 को सेक्टर-10 में ग्रेनेड अटैक हुआ था। इसमें हमलावर ऑटो से आए थे। जांच में सामने आया था कि इस हमले के पीछे बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) के आतंकवादी हरविंदर सिंह रिंदा और गैंगस्टर हैप्पी पासिया का हाथ था।
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इसके बाद 26 नवंबर 2024 को सेक्टर-26 में दो नाइट क्लब डिओरा और सेवले के बाहर बम धमाके हुए। इन हमलों की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गैंग ने ली थी। हर बड़े मामले में जांच का जिम्मा आखिरकार पंजाब पुलिस, दिल्ली पुलिस या एनआईए को संभालना पड़ा।
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खुफिया इनपुट के बावजूद लापरवाही
अगस्त 2025 में सेक्टर-18 के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) कार्यालय को उड़ाने की धमकी मिली थी। इसके बाद भाजपा कार्यालयों और आरएसएस दफ्तरों की सुरक्षा बढ़ाई गई थी।
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वरिष्ठ अधिकारियों ने खुद दौरा कर सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की थी। इसके बावजूद सेक्टर-37 में भाजपा कार्यालय के बाहर हमला हो गया। शहर में एक के बाद एक घटनाओं ने आम लोगों के मन में डर का माहौल पैदा कर दिया है।
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सोशल मीडिया पर डाली पोस्ट
ग्रेनेड हमले की जिम्मेदारी लेने वाले सुखजिंदर सिंह बब्बर ने पोस्ट में लिखा... आप चाहे सिख नौजवानों को खत्म करने के लिए जितनी भी चालें चल लो, दसवें पातशाह का खालसा पंथ मुंहतोड़ जवाब देगा। गुरदासपुर में रणजीत सिंह के कातिलों को भी बख्शा नहीं जाएगा। उधर एसएसपी कंवरदीप कौर ने कहा कि हमले की जिम्मेदारी बीकेआई ने ली। जांच जारी है।
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पंचकूला में भाजपा दफ्तर की सुरक्षा बढ़ी
चंडीगढ़ में भाजपा कार्यालय के बाहर धमाके के बाद पंचकूला प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। सेक्टर-2 के पंचकमल भाजपा कार्यालय के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
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अतिरिक्त पुलिस बल के साथ स्वैट टीम तैनात की गई है और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। आने-जाने वाले हर व्यक्ति की जांच की जा रही है। अधिकारियों ने संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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यूनिट और थानों में खींचतान
पंजाब भाजपा कार्यालय पर ग्रेनेड हमले की जांच में चंडीगढ़ पुलिस की आपस में तालमेल में कमी दिखी। सूत्रों के अनुसार घटना के तुरंत बाद सेक्टर-39 थाना पुलिस मौके पर लगे सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर अपने कब्जे में लेकर चली गई। वहीं क्राइम ब्रांच और ऑपरेशन सेल जैसी अहम जांच एजेंसियों के पास अब तक आरोपियों की फुटेज तक उपलब्ध नहीं है।
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धमाके के बाद जांच करती सीएफएसएल की टीम
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जांच में यह भी सामने आया है कि वारदात से पहले दो आरोपी कार्यालय के बाहर खुलेआम रेकी करते रहे। उन्होंने अपनी एक्टिवा पास के पेट्रोल पंप के पास खड़ी की और चार से पांच मिनट तक इलाके का जायजा लिया। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरों में कैद है।
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सबूत जुटाती जांच टीम
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शाम 4:53 बजे ग्रेनेड फेंका गया और 4:59 बजे तक आरोपी सेक्टर-37/38 डिवाइडिंग रोड से होते हुए मोहाली की ओर भाग निकले। आरोपियों की उम्र 25 से 30 वर्ष के बीच बताई जा रही है। हमले के बाद भाजपा दफ्तर से बाहर आकर काले रंग की एक्टिवा के मालिक हर्ष ने बताया कि एक्टिवा उसकी है।
चंडीगढ़ में भाजपा दफ्तर के बाहर धमाका
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देर रात पुलिस ने शहर के आसपास के सभी टोल प्लाजा के फुटेज खंगाले लेकिन कुछ हाथ नहीं लगा। शहरभर में पुलिस ने 50 नाके लगा रखे हैं लेकिन आरोपी न केवल विस्फोटक लेकर दाखिल हुए बल्कि वारदात कर आसानी से निकल भी गए। अमर उजाला ने 27 मार्च को ही खबर में लिखा था कि ये नाके महज औपचारिकता हैं।