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18 साल बाद नवरात्रि पर ऐसा शुभ योग, फलदायी रहेगा एक ये काम करना, यूं करें मां की पूजा

Mon, 19 Mar 2018 10:04 AM IST
नीरज कुमार/अमर उजाला, चंडीगढ़
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navratri - फोटो : navratri
18 साल बाद चैत्र नवरात्रि पर ऐसा शुभ योग बन रहा है कि एक काम करना अवश्य ही फलदायी रहेगा, तो हर दिन पूजन करें और मां को मनाएं।
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navratri - फोटो : navratri
सेक्टर-30 के श्री महाकाली मंदिर स्थित भृगु ज्योतिष केंद्र के प्रमुख बीरेंद्र नारायण मिश्र बताते हैं कि 18 मार्च से चैत्र नवरात्रि और हिंदू नववर्ष दोनों शुरू हो रहे हैं। नए काम और स्थायी संपत्ति खरीदने के लिए ये नवरात्रि बहुत खास है। लगभग पूरी नवरात्रि (18-25 मार्च) नया घर, ऑफिस, जमीन या अन्य स्थायी संपत्ति खरीदने के लिए शुभ रहेगी। इस दौरान सभी नक्षत्र शुभ स्थिति में रहेंगे, इसलिए इस दौरान किया गया काम विशेष फलदायी रहेगा।
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navratri - फोटो : navratri
18, 20 और 21 मार्च को ‘सर्वार्थसिद्धि’ अतिशुभ योग बन रहा है। इस दौरान खरीदी गई स्थायी संपत्ति से खरीदने वाले के सभी मनोरथ पूरे होंगे। 24 मार्च को त्रिपुष्कर योग बन रहा है, जिसमें कोई काम करने से उसका तीन गुना फल मिलता है। 19, 23 और 25 मार्च भी अच्छे योग वाले दिन हैं। इस तरह नवरात्रि के लगभग हर दिन शुभ योगों का निर्माण हो रहा है। इसलिए यह नवरात्रि नई संपत्ति के लिए बहुत शुभ है।

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navratri
बीरेंद्र नारायण मिश्र बताते हैं कि 18 मार्च, गुड़ी पड़वा और चैत्र नवरात्रि का पहला दिन है, ये एक अबूझ मुहूर्त है। 18 मार्च को सूर्योदय सुबह छह बजकर 33 मिनट पर होगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार दिन का प्रारंभ सूर्योदय से सूर्योदय तक माना जाता है। नवरात्र की प्रतिपदा तिथि 17 मार्च को शाम छह बजकर 41 मिनट पर प्रारंभ होकर 18 मार्च को शाम छह बजकर 32 मिनट पर समाप्त होगी, इसलिए नवरात्र का प्रारंभ 18 मार्च से होगा।
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navratri 2018 - फोटो : amar ujala
उत्तराभाद्रपद नक्षत्र है। उत्तराभाद्रपद नक्षत्र का प्रारंभ 17 मार्च को शाम 7 बजकर 43 मिनट से शुरू होकर 18 मार्च को शाम आठ बजकर 9 मिनट पर समाप्त है इसलिए उत्तराभाद्र पद नक्षत्र भी प्रतिपदा तिथि में ही है। इस वर्ष नवरात्र तिथि सूर्योदय सुबह छह बजकर 34 मिनट पर मीन लग्न में है। लग्न का स्वामी बृहस्पति तुला राशि का है। लग्न में सूर्य, बुध, चंद्रमा और मीन लग्न में उच्च का शुक्र होने के कारण मालव्य नामक योग बन रहा है।
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यह योग ज्योतिष गणित के मान्यता के अनुसार 18 वर्ष के बाद आ रहा है। मालव्य योग बनने से सुख शांति और समृद्धि में वृद्धि होती है। क्लेश दूर होता है। स्वास्थ्य के लिए यह योग बहुत ही अच्छा है। सूर्य राज और मंत्री शनि होने से देश की उन्नति होगी। जीवन सुखमय रहेगा। जिसके कुंडली में सूर्य, शनि और शुक्र अच्छा नहीं है उनके लिए नवरात्र में माता का पाठ कराने से जीवन सुखमय व्यतीत होगा।
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