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Amarinder Singh: क्या कैप्टन के सहारे BJP फतेह कर पाएगी पंजाब का किला? मोदी लहर भी यहां पड़ जाती है मंद

Mon, 19 Sep 2022 08:20 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)
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कैप्टन अमरिंदर सिंह भाजपा में शामिल। - फोटो : @BJP4India
कैप्टन अमरिंदर सिंह भाजपा में शामिल हो गए हैं और भाजपा का मिशन 2024 शुरू हो चुका है। भाजपा आगामी लोकसभा चुनाव में उन राज्यों में सीटें बढ़ाने की कोशिश में है, जहां उसका खास जनाधार नहीं है। खासकर पंजाब भाजपा के लिए एक ऐसा सूबा रहा है, जहां हमेशा मोदी लहर आकर फीकी पड़ी है। 2019 के चुनाव हो या 2014 के, पंजाब में भाजपा अकाली दल गठबंधन की हालत ठीक नहीं रही है। उत्तर भारत में पंजाब एक ऐसा राज्य है, जहां भाजपा अब तक बाकी राज्यों की तरह एकतरफा जीत हासिल नहीं कर सकी है। भाजपा की तरफ से पंजाब में सिख चेहरों की तरजीह दी जा रही है और कैप्टन अमरिंदर सिंह का भाजपा में जाना इसी कड़ी का हिस्सा है। 
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अमित शाह से मिले अमरिंदर सिंह। - फोटो : ANI
कैप्टन जाट महासभा के प्रधान रहे हैं और उनका दबदबा आज भी राष्ट्रीय जाट महासभा में है। कैप्टन के जरिये भाजपा पंजाब में किसानों एवं सिख वोटरों का दिल जीतने का प्रयास करेगी और साथ ही अगले कुछ माह तक किसान आंदोलन की बाकी मांगों पर कैप्टन के जरिये केंद्र सरकार गौर कर सकती है। पंजाब में भाजपा को कैप्टन अमरिंदर सिंह के रूप में ऐसा नेता मिल गया है, जिसके जरिये वह पंजाब की ब्यूरोक्रेसी व जमीनी स्तर पर नेताओं का नेटवर्क खड़ा कर सकती है।
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अमरिंदर सिंह भाजपा में शामिल। - फोटो : एएनआई
भाजपा पंजाब में गांवों में काफी कमजोर है लेकिन कैप्टन अमरिंदर सिंह के जरिये भाजपा गांवों तक अपनी पकड़ बनाने और वोट बैंक को हासिल करने का पूरा खाका तैयार कर रही है। 2014 व 2019 के आम चुनाव में भाजपा व अकाली दल का प्रदर्शन काफी खराब रहा है। भाजपा लंबे समय से पंजाब में एक मजबूत सिख चेहरे की तलाश कर रही है, जो पंजाब में पार्टी को सियासी संजीवनी दे सके और हिंदू समुदाय के बीच भी स्वीकार्य हो।

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कैप्टन अमरिंदर सिंह। - फोटो : एएनआई
कैप्टन अमरिंदर सिंह बीजेपी के दोनों ही फॉर्मूले में पूरी तरह से फिट बैठते हैं, क्योंकि वो पंजाब की सियासत में मंझे नेता हैं और उनकी गिनती राष्ट्रवादी नेताओं में होती है। राष्ट्रवाद भाजपा का मुख्य चुनावी एजेंडा है। दूसरा, कैप्टन प्रदेश के सिख और हिंदू दोनों ही समुदाय की बीच मजबूत पकड़ रखते हैं। यही वजह है कि कांग्रेस से अलग होने के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह बीजेपी के नजदीक खड़े नजर आए। कैप्टन अमरिंदर पहले अपनी पार्टी बनाकर बीजेपी के साथ विधानसभा चुनाव लड़े लेकिन आम आदमी पार्टी की आंधी और किसानों की नाराजगी के चलते कैप्टन की पार्टी उड़ गई और भाजपा भी हाशिये पर चली गई थी।
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पीएम नरेंद्र मोदी के साथ कैप्टन अमरिंदर सिंह। - फोटो : फाइल
मगर पिछले चुनाव के मुकाबले बीजेपी का वोट शेयर बढ़ा है। 2017 के 5.39 फीसदी की तुलना में 2022 में बीजेपी को 6.60 फीसदी वोट मिले। ऐसे में 2024 के लोकसभा चुनाव के मद्देनजर पंजाब में बीजेपी दोबारा से खड़े होने की कवायद शुरू कर चुकी है, जिसके चलते कांग्रेस के कई बड़े नेताओं को अपने साथ मिलाया है। कैप्टन पहले भी सुनील जाखड़ व राणा सोढ़ी के साथ काम कर चुके हैं, जिस कारण भाजपा में कैप्टन असहज नहीं होंगे बल्कि उनकी अपनी टीम काम करेगी।
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