1320 करोड़ की लागत से पुनर्निर्मित लंबी माइनर ट्रायल के दौरान ही टूट गई। घटना पंजाब के अबोहर (फिरोजपुर) की है। पंजाब-राजस्थान सीमा पर बसे गांव शेरगढ़ की टेलों पर सिंचाई का पानी पहुंचाने के लिए करीब 1320 करोड़ की लागत से लंबी माइनर पुनर्निर्मित की गई थी। ट्रायल के दौरान ही टूट गई। एक स्थान पर करीब 70 फुट चौड़ा कटाव आने से आसपास की फसलों में पानी भर गया।
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अपने पहले ट्रायल के दौरान ही टूट गई नहर
- फोटो : amar ujala
वीरवार को गांव अमरपुरा में संगत दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ने जब इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया तो वहां मौजूद किसानों ने नहरी विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की तथा मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों का विरोध करने का भी एलान किया।
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अपने पहले ट्रायल के दौरान ही टूट गई नहर
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भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहा के जिला प्रधान सुखमंदर सिंह ने बताया कि लंबी हलके के गांव सहनखेड़ा से लेकर अबोहर की अंतर्राज्यीय सीमा पर बसे गांव शेरगढ़ तक नहरी पानी पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार ने 1320 करोड़ रुपये जारी किए थे। नहर नवीनीकरण में लग रही घटिया निर्माण सामग्री को लेकर किसानों ने कई बार विभाग के एक्सईएन आरके गुप्ता से शिकायत की, लेकिन उन्होंने कोई सुनवाई नहीं की।
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अपने पहले ट्रायल के दौरान ही टूट गई नहर
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बुधवार को ट्रायल के तौर पर नहर में मात्र 80 क्यूसिक पानी छोड़ दिया गया। पानी आते ही एक स्थान पर करीब 70 फुट चौड़ा कटाव आ गया। इससे गुस्साए किसान वीरवार को गांव अमरपुरा में बादल के संगत दर्शन में पहुंचे। सीएम बादल ने उन्हें नहर की फिर से मरम्मत करवाने का आश्वासन दे दिया। इस पर किसानों ने वहीं नहरी विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और भविष्य में सीएम के सभी कार्यक्रमों में विरोध-प्रदर्शन करने की बात कही।
अपने पहले ट्रायल के दौरान ही टूट गई नहर
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पवन बिश्नोई, नहरी विभाग के एसडीओ ने बताया कि निर्माण की समय अवधि कम थी। उच्चाधिकारियों की जल्दबाजी में दिन-रात कार्य करके इसे पूरा किया गया, जिस कारण इसमें कमियां रह गईं। ठेकेदारों को भुगतान नहीं किया गया है। अब उसी रकम पर फिर नहर का सही निर्माण करवाया जाएगा।