कैनेडियन रक्षामंत्री सज्जन सिंह आजकल भारत के दौरे पर हैं और वे पंजाब से बेहद खास कनेक्शन रखते हैं। देखिए उन्होंने कैसे तय किया कनाडा तक का सफर।
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कैनेडियन रक्षामंत्री हरजीत सिंह सज्जन
हरजीत सिंह सज्जन अपने भारत दौरे के तहत बुधवार को पंजाब के अमृतसर पहुंचे। यहां उन्होंने श्री हरमिंदर साहिब में मत्था टेका। अब वे जालंधर जाएंगें और यूनीक होम की बीबी प्रकाश कौर से मिलेंगे। वे वहां उन बच्चियों के दर्द को बांटेंगे, जिनको उनके मां-बाप ने जन्म के बाद ही झूले में डाल दिया था। कनाडा में ममता होम का अतीत खंगालते सज्जन को खांबरा स्थित प्रकाश कौर के यूनीक होम का पता चला।
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इस होम को बारे में जानने के बाद उनकी इच्छा 60 बच्चियों की मां प्रकाश कौर से मिलने की हुई। इसके लिए उन्होंने केंद्र और पंजाब सरकार से आग्रह किया था, हालांकि उन्हें कैप्टन अमरिंदर सिंह का विरोध झेलना पड़ा। बावजूद इसके वे अमृतसर पहुंचे और अब जालंधर प्रकाश कौर से मिलने जाएंगे। उनसे पहले यहां मुकेश अंबानी की पत्नी नीता अंबानी के अलावा केंद्रीय फूड प्रोसेसिंग मंत्री हरसिमरत कौर बादल भी आ चुकी हैं।
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एक बेटी के पिता हरजीत सिंह सज्जन ने जब अपने सूबे के बारे में गहराई से छानबीन की तो उनको पता चला था कि जालंधर के माडल हाउस में प्रकाश कौर नामक एक महिला है, जिसको उसके मां बाप ने बेटी होने की वजह से छोड़ दिया था। वर्तमान में प्रकाश कौर उन बच्चियों को जीवन देने के लिए उत्सुक रहती हैं, जिनके लिए उनके अपने माता-पिता उन्हें पालना नहीं चाहते।
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रक्षा मंत्री सज्जन सिंह ने प्रकाश कौर के बारे में काफी कुछ पता किया तो पाया कि वे बच्चियों को जीवन देने का बाद उनको समाज में पुर्न स्थापित कर मुश्किल और चुनौती पूर्ण काम कर रही हैं। इसके लिए एक बड़े पैमाने पर सामाजिक प्रयास की आवश्यकता है। सज्जन ने पंजाब दौरे के दौरान श्री दरबार साहिब के बाद बीबी प्रकाश कौर के यहां जाने की इच्छा जाहिर की थी।
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यूनीक होम प्रकाश कौर ने एक कमरे से शुरू किया था। इसके बाहर एक झूला लगा दिया था, ताकि जो मां बाप बेटी को बोझ समझते हैं वह बेटी को चुपचाप उसमें डालकर जा सकते हैं। नई बच्ची के आगमन पर इस यूनीक घर में जश्न का माहौल होता है, ठीक उसी तरह जैसे किसी भी परिवार में नए सदस्य के आगमन पर होता है। लड़कियों को एक धर्म के नाम की जगह हर धर्म के नाम दिए जाते हैं।
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24 अप्रैल को वे सब अपना जन्मदिन एक साथ मनाती हैं। इन लड़कियों को गोद देने की अनुमति नहीं है। कई लड़कियां उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए कॉलेज भी जाती हैं और कुछ शादी कर अपने घर चली जाती हैं। कई बच्चियां विदेशों में शिक्षा हासिल कर रही हैं। प्रकाश कौर यह हमेशा ध्यान रखती हैं कि उनकी बच्चिया जहां भी रहें, अच्छे से रहें। प्रकाश कौर को आमिर खान के सत्यमेव जयते में बुलाकर सम्मान भी दिया जा चुका है।
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कैनेडियन रक्षामंत्री हरजीत सिंह सज्जन
गौरतलब है कि हरजीत सिंह सज्जन का जन्म होशियारपुर जिले के बंबेली गांव में एक सिख परिवार में हुआ। गांव बंबेली के नंबरदार जसबीर सिंह और सुखदेव सिंह के चचेरे भाई हैं। उनके ताया हवलदार कुंदन सिंह सज्जन परिवार सहित 1973 में कनाडा चले गए थे। तब करीब 8 साल का हरजीत गांव के ही सरकारी प्राइमरी स्कूल में तीसरी-या चौथी क्लास में पढ़ता था।
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जसबीर सिंह और सुखदेव सिंह बताते हैं कि हरजीत तो एक बार जाने के बाद करीब दस साल पहले सबसे मिलने के लिए एक ही बार आए थे, लेकिन उनके पिता कुंदन सिंह हर साल गांव के युवकों के स्टार स्पोर्ट्स क्लब की ओर से आयोजित किए जाने वाले फुटबाल टूर्नामेंट के दौरान गांव आते हैं। जसबीर ने बताया कि उनकी गाहे-बगाहे हरजीत से बात होती रहती है।
हरजीत 1989 में कनाडा की आर्मी में शामिल हुए और उसके बाद 1991 में ब्रिटिश कोलंबिया रेजीमेंट में अफसर चुना गया। हरजीत में आर्मी में रहते हुए विभिन्न बहादुरी पुरस्कार जीते। कनाडा की आर्मी का सबसे बड़ा पुरस्कार ‘ऑर्डर ऑफ मिलिट्री मेरिट’ हासिल किया। इसके बाद हरजीत कैनेडियन आर्मी में ब्रिटिश कोलंबिया रेजीमेंट की कमान संभालने वाले पहले सिख अधिकारी बने। साल 2015 में वे कनाडा के सांसद चुने गए।