पीयू चुनावों ने जीत कर सत्ता में आई पूसू गठबंधन ने वीरवार को फिर जश्न मनाया, लेकिन एक दूसरे को केक खिलाकर नही बल्कि केक लगाकर। जी हां, देखिए तस्वीरे।
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PU Election Celebrations
- फोटो : अमर उजाला
बुधवार को 2016 पीयू छात्र काउंसिल चुनाव में पुसू और एनएसयूआई-एसएफ ने चारों सीटों पर जीत हासिल की है। वीरवार दोपहर बाद पीयू स्टूडेंट सेंटर पर पुसू छात्र नेताओं ने समर्थकों के साथ मिलकर जीत का जश्न मनाया गया।
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सेंटर पर समर्थकों के साथ मिलकर केक भी काटा गया। पीयू काउंसिल के प्रधान निशांत कौशल,वाइस प्रेसिडेंट,अनवीत कौर,सेक्रेटरी आशिक मोहम्मद और ज्वाइंट सेक्रेटरी अमित कौशिक भी मौजूद थे।
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स्टूडेंट काउंसिल के नए प्रेसिडेंट निशांत कौशल ने कहा कि वह सिर्फ उन्हीं मु्द्दों को उठाएंगे जिन्हें पूरा किए जा सके। उन्होंने कहा कि पीयू छात्रों की बात को सीनेट और सिंडीकेट में पहुंचाने के लिए छात्र काउंसिल को सीनेट में स्थायी सीट दिलाने के लिए आवाज उठाई जाएगी।
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काउंसिल के नए जनरल सेक्रेटरी और एमबीए के स्टूडेंट आशिक मोहम्मद ने कहा कि पीयू के हॉस्टल में सफाई की काफी बुरी हालत है। इस मुद्दे को प्राथमिकता के आधार पर उठाया जाएगा। सेल्फ फाइनेंस कोर्स की फीस अधिक होते है, लेकिन प्लेसमेंट इन कोर्स में उम्मीद के मुताबिक नहीं होती।
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पहली बार 2015 में पंजाब यूनिवर्सिटी स्टूडेंट काउंसिल में जीत हासिल करने वाली सोई छात्र संगठन को झूठे वादों के कारण चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा। शिरोमणी अकाली दल के छात्र संगठन ने पंजाब के हिस्से का बकाया फंड दिलाने के वादे किए, लेकिन साल भर बाद भी पीयू को उसके हिस्सा के पैसा नहीं मिला।
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सोई की जीत पर उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल ने दो करोड़ से हॉस्टल इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर करने का वादा किया। लेकिन साल पूरा होने पर भी पूरा पैसा नहीं मिला।
पीयू स्टूडेंट काउंसिल में अधिकतर इंजीनियरिंग और लॉ स्टूडेंट्स का ही दबदबा रहा है। लेकिन दूसरी बार काउंसिल प्रधान सीट पर पीएचडी रिसर्च स्कॉलर निशांत कौशल ने जीत हासिल की है। तीन साल पहले बॉटनी विभाग में पीएचडी रिसर्च स्कॉलर चंदन राणा ने एनएसयूआई बैनर तले प्रेसिडेंट पद पर जीत हासिल की थी।