पिछले 153 दिनों से हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में आम छात्रों की मांगों को लेकर चल रहे 48 घंटे के क्रमिक अनशन को मांगे मान जाने समाप्त कर दिया गया। एसएफआई राज्य अध्यक्ष विवेक राणा और सचिव सुरेश सरवाल ने अनशन पर बैठे कार्यकर्ताओं को जूस पिलाकर अनशन समाप्ति का ऐलान किया।
Trending Videos
विज्ञापन
2 of 10
मांगे मान लिए जाने और अनशन के समाप्त किए जाने की खुशी में पुस्तकालय के बाहर एक एकत्र सैकड़ों छात्र छात्राएं खुशी में झूम उठी। बैंड के साथ छात्र खूब मस्ती में झूमे और छात्र आंदोलन जिंदाबाद, एसएफआई जिंदाबाद के नारों से पूरा परिसर गुंज उठा।
विज्ञापन
3 of 10
दोपहर करीब दो बजे अपने अल्टीमेटम के मुताबिक एसएफआई के कार्यकर्ताओं की रैली मांगों के समर्थन और रूसा व प्रदेश सरकार कुलपति के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पूरे परिसर से हो कुलपति कार्यालय तक पहुंची।
4 of 10
यहां पहले से पुलिस के सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे, क्यूआरटी पूरी तरह से कुलपति कार्यालय की ओर के मुख्य गेट को घेरे खड़े थे। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए कुलपति कार्यालय के बाहर और उसके बाद पुस्तकालय के बाहर एकत्र हो कर रैली और सभा शुरू कर दी।
विज्ञापन
5 of 10
यहां पर नारेबाजी और प्रदर्शन हुआ, सभा को विक्रम कायथ, ज्योति सहित अन्य नेताओं ने संबोधित किया, जिसमें मांगे पूरी न किए जाने पर आमरण अनशन मंगलवार से ही शुरू कर देने का ऐलान भी किया।
विज्ञापन
6 of 10
इसी बीच एसएफआई के नेताओं की विवि कुलपति और प्रशासन के साथ बातचीत चल रही थी। दो से करीब तीन बजे तक चले इस आंदोलन में जैसे ही संगठन नेता कुलपति कार्यालय से रैली स्थल पर पहुंचे, इसी बीच पूरी कार्यकर्ताओं की भीड़ खुशी में झूम उठी।
विज्ञापन
7 of 10
जश्न के माहौल के बीच कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए इकाई अध्यक्ष नोबल और सचिव विपिन ने बैठक में मानी गई मांगों का पूरा ब्यौरा सामने रखा। इन नेताओं ने कहा कि विवि प्रशासन ने सभी 46 मांगों पर चरचा कर पूरा करने के लिए तय समय सीमा निर्धारित की है।
8 of 10
इनमें छात्रावास मरम्मत, वाई फाई सुविधा जैसे कार्य चालू हो भी चुके है, क्लास रूम की हालत में सुधार का काम भी शुरू हो चुका है। इन नेताओं ने कहा कि प्रशासन ने सभी सात छात्र नेताओं का निष्कासन वापस लेने, हाई पॉवर कमेटी की रिपोर्ट जिसे विवि न्यायालय में ले गया है, उसे फैसले मुताबिक पूरी करने, शिक्षकों की नियुक्ति जल्द किए जाने सहित मानी मांगों का विस्तृत ब्यौरा दिया।
9 of 10
नोवल ठाकुर ने इस अनशन में हर रोज तीन के हिसाब से अब तक भूखे प्यासे बैठे करीब 250 कार्यकर्ताओं और आम छात्रों के समर्थन और एकता की जीत करार दिया और सभी का आभार जताया।