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फेसबुक पर सामने आया सच, ओलंपिक में क्यों हार गए योगेश्वर दत्त?

Wed, 24 Aug 2016 09:21 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत(हरियाणा)
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पहलवान योगेश्वर दत्त
पूरा देश जिस योगेश्वर से गोल्ड मेडल की उम्मीद लगाए था, वह आसानी से हार गए। फेसबुक पर इस हार का असली सच सामने आ गया है।
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पहलवान योगेश्वर दत्त
हार के पीछे जो वजह रही, वह थी उनकी चोट। योगेश्वर के भाई मुकेश ने खुलासा किया कि रियो में एक सप्ताह पहले प्रैक्टिस के दौरान योगेश्वर की पीठ में चोट लग गई थी। हालांकि, चोट इतनी गंभीर नहीं थी कि मैच न खेल पाए। दूसरा, रियो जाने से पहले जार्जिया में घुटने में भी दर्द महसूस हुआ था। फिर भी योगेश्वर गोल्ड जीतने के प्रति पूरी तरह आश्वस्त था, लेकिन आज उसका दिन नहीं था। इसलिए मैच हार गया।
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पहलवान योगेश्वर दत्त - फोटो : अमर उजाला
चोटों ने रोकी बार-बार राह, फिर भी खेले चार ओलंपिक: योगेश्वर दत्त ने अपनी फेसबुक अकाउंट पर एक फोटो जारी किया है। इसमें दिखाया गया है कि  उसे कब-कब और कहां-कहां चोट लगी। इसके बावजूद 2004, 2008, 2012 और 2016 के ओलंपिक में योगेश्वर ने हिस्सा लिया। 2012 के लंदन ओलंपिक में योगेश्वर ने कांस्य पदक तक जीता। हालांकि, अपने आखिरी ओलंपिक में योगेश्वर अप्रत्याशित तरीके से हार गए।

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पहलवान योगेश्वर दत्त - फोटो : अमर उजाला
योगेश्वर के भाई मुकेश ने बताया कि मैच के बाद योगेश्वर से बात हुई है। उसने बताया कि, ज्यादा कुछ नहीं कहूंगा। आज उसका दिन नहीं था। मुकेश ने खुलासा किया कि एक सप्ताह पहले रियो में प्रेक्टिस केदौरान योगेश्वर की पीठ में चोट लग गई थी। जबकि 15 दिन पहले घुटने में दर्द हुआ था। इतना ही नहीं, 2004 से अब तक 10 बार चोट लगी। इसके बावजूद वह ओलपिंक तक पहुंचा, यह किसी से कम नहीं है।
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पहलवान योगेश्वर दत्त - फोटो : अमर उजाला
योगेश्वर आहत, नहीं की किसी से बात: रियो से कुश्ती कोच कुलदीप मलिक ने बताया कि हार से योगेश्वर बेहद आहत हैं। मीडिया कर्मियों ने उनसे बात करने का प्रयास किया, लेकिन बिना किसी से बात किए, अपने कमरे में चले गए। हालांकि अपने परिजनों से जरूर बात की थी।
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योगेश्वर दत्त - फोटो : PTI
गुरु बनकर नए पहलवान तैयार करेगा योगेश्वर: कोच जगबीर मलिक ने बताया कि योगेश्वर रियो में जीत हासिल नहीं कर सका तो क्या हुआ। लौटकर न केवल गांव के अखाड़े, बल्कि अकादमी में पहलवान तैयार करेगा। अब द्रोणाचार्य की भूमिका में नजर आएगा। पूरे गांव को उन पर नाज है।
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ओलंपियन योगेश्वर दत्त के पहले कोच मास्टर सतबीर सिंह का अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला
विजेता की तरह ही करेंगे स्वागत: गांव के सरपंच राजेश मलिक व मंजीता ने कहा कि चार ओलपिंक खेलना किसी उपलब्धि से कम नहीं है। गोल्ड नहीं जीत सका तो क्या हुआ। जब योगेश्वर गांव में आएगा तो विजेता की तरह उसका स्वागत करेंगे। योगेश्वर केदम पर ही आज उनकेगांव भैंसवाल की पूरे देश में चर्चा हो रही है।
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