चेहरे पर जन्मजात निशान हैं और ये आपकी खूबसूरती में बाधा है तो ये बड़ी आसानी से हट भी सकते हैं। देखिए, कैसे।
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चेहरे पर बर्थ मार्क्स मतलब खूबसूरती में बाधा, ऐसे हटाएं?
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दरअसल, एक मशीन पल्सड डाई लेजर इजात की गई है। यह बहुत जल्दी पीजीआई चंडीगढ़ के प्लास्टिक सर्जरी डिपार्टमेंट में होगी। इसके लिए डिपार्टमेंट को मंजूरी मिल गई है। यह मशीन नॉर्थ इंडिया में सिर्फ एम्स के पास है। प्राइवेट हॉस्पिटल में भी ऐसी मशीन नहीं है।
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चेहरे पर बर्थ मार्क्स मतलब खूबसूरती में बाधा, ऐसे हटाएं?
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डिपार्टमेंट के एचओडी आरके शर्मा ने बताया कि इस मशीन का मकसद चेहरे के निशान हटाना है। कई लोगों के जन्म से चेहरे पर निशान हो जाते हैं। अभी इसे हटाने के लिए चेहरे की पूरी स्किन हटानी पड़ती है। लेकिन मशीन आने से कुछ ही मिनट में ये दाग साफ हो जाएंगे। पीजीआई में यह बहुत ही सस्ती दरों पर होगा। जबकि प्राइवेट अस्पतालों में इसकी फीस लाखों में होती है।
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एचओडी आरके शर्मा ने बताया कि अक्सर लोग प्लास्टिक सर्जरी को कॉस्मेटिक सर्जरी से जोड़ देते हैं। लोग इसे सिर्फ चेहरे को खूबसूरत बनाने की विधि ही मानते हैं। जबकि ऐसा नहीं है। प्लास्टिक सर्जरी उन लोगों के लिए सबसे ज्यादा वरदान साबित होती है, जो अग्निकांड में झुलसे होते हैं। तेजाब पीड़ितों तक के निशान इससे गायब हो सकते हैं। जिनमें जन्मजात कुरुपता होती है, उन्हें भी प्लास्टिक सर्जरी से दूर किया जा सकता है।
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2014-15 में डिपार्टमेंट 2100 पेशेंट ट्रीट कर चुका है। इसके अलावा 500 क्लेफ्ट संबंधी कुरुपता को दूर कर चुका है। खास बात यह है कि डिपार्टमेंट पिछले 8 वर्षों से बच्चों में क्लेफ्ट संबंधी कुरुपता को फ्री ऑफ कास्ट बदल रहा है।
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पीजीआई का प्लास्टिक सर्जरी डिपार्टमेंट बुधवार को नेशनल प्लास्टिक सर्जरी डे मनाएगा। कार्यक्रम की थीम प्लास्टिक सर्जरी ने कैसे बदली जिंदगी है। इस दौरान डिपार्टमेंट कुछ ऐसे लोगों को सामने लाएगा, जिनकी प्लास्टिक सर्जरी ने जिंदगी बदल दी हो। वे अपने अनुभव सबके सामने रखेंगे। इसमें एसिड विक्टिम, शरीर पर जन्मजात निशान व ट्रामा रिलेटेड इंजरी के लोग शामिल होंगे।