नए मोटर व्हीकल एक्ट और रोडवेज के निजीकरण के विरोध में बसों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिला। तस्वीरों में देखिए, पूरा मामला।
विज्ञापन
रोडवेज का चक्काजाम, यात्री हुए बे-बस...और इनकी चांदी
2 of 8
हड़ताल के चलते रोजाना सफर करने वाले ‘बे-बस’ रहे। नतीजतन रेलों में भारी भीड़ रही और लोगों को गंतव्य स्थानों पर पहुंचने के लिए परेशानी झेलनी पड़ी।
विज्ञापन
रोडवेज का चक्काजाम, यात्री हुए बे-बस...और इनकी चांदी
3 of 8
लोकल रूटों पर परिवहन समितियों की बसों ने जमकर चांदी कूटी। बिना किसी रूट और बूथ के इन बसों को दौड़ाया गया। मगर लंबे रूट की सवारियों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ी।
रोडवेज का चक्काजाम, यात्री हुए बे-बस...और इनकी चांदी
4 of 8
चंडीगढ़, गुड़गांव, दिल्ली, पंचकूला, फरीदाबाद की ओर जाने वाले यात्रियों को दो-दो घंटे इंतजार करने के बाद भी कोई बस नहीं मिली। बल्कि उन्हें छोटे-छोटे रूटों की बसों में सवार होकर अपने गंतव्य के नजदीक लगना पड़ा।
विज्ञापन
रोडवेज का चक्काजाम, यात्री हुए बे-बस...और इनकी चांदी
5 of 8
अधिकतर बसों में सवारियों की जबरदस्त भीड़ रही, लोगों को मजबूरी में छतों पर बैठकर गांवों की ओर निकलना पड़ा। महिलाओं को भी बसों में धक्का-मुक्की का सामना करना पड़ा, जबकि बुजुर्गों को भी सीट के लिए तरसना पड़ा।
विज्ञापन
रोडवेज का चक्काजाम, यात्री हुए बे-बस...और इनकी चांदी
6 of 8
पूरे राज्य में रोडवेज के चक्का जाम का असर रहा। इस दौरान यात्री कड़ी धूप और गर्मी में इधर से उधर भटकते नजर आए। उनकी इस मजबूरी का फायदा निजी बसों और डग्गेमार वाहनों ने उठाया। इस दौरान उन्होंने जमकर चांदी काटी।
विज्ञापन
रोडवेज का चक्काजाम, यात्री हुए बे-बस...और इनकी चांदी
7 of 8
रोडवेज की तीनों यूनियनों से संबंधित सभी कर्मचारी हड़ताल पर रहे और बसें डिपो परिसर में ही बंद रहीं। रोडवेज अधिकारियों ने पुलिस लाइन से बसों को लंबे रूट पर भेजा लेकिन उन्हें बीच रास्ते में ही रोक लिया गया।
रोडवेज का चक्काजाम, यात्री हुए बे-बस...और इनकी चांदी
8 of 8
रोडवेज बसें न चलने के कारण यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। खासकर लंबे रूट पर बसें न चलने के कारण लोगों को अपने गंतव्य तक जाने के लिए प्राइवेट वाहनों का सहारा लेना पड़ा और बीच रास्ते में कई वाहन बदलने पड़े।