खाने की क्वालिटी पर सवाल उठाने वाले बीएसएफ जवान तेज बहादुर का एक और वीडियो सामने आया है, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कई सवाल पूछे हैं।
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तेजबहादुर
तेज बहादुर ने देश में भ्रष्टाचार को लेकर सवाल पूछा। साथ ही आरोप लगाया है कि उसे रोज प्रताड़ित किया जा रहा है, आखिर उसे न्याय कब मिलेगा। तेज बहादुर ने कहा कि मैंने लोगों को भ्रष्टाचार का एक चेहरा लाइव दिखाया था, लेकिन यह करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। उल्टा मुझे प्रताड़ित किया जा रहा है। न मैं घर जा सकता हूं और न ही अपने परिवार से बात कर सकता हूं।
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तेजबहादुर
तेज बहादुर ने वीडियो में कहा कि मुझे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। मेरा वीआरएस भी रोक दिया गया है। 10 जनवरी से मेरे पास मोबाइल नहीं है। मांगने पर दिया नहीं जाता। मेरे फेसबुक अकाउंट को छेड़ा गया है। बताया जा रहा है कि मैंने पाकिस्तानी लोगों को दोस्त बना रखा है। तेजबहादुर ने कहा कि प्रधानमंत्री जी आप बताएं कि मैं देश की रक्षा करता हूं तो दुश्मनों को दोस्त क्यों बनाऊंगा।
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तेजबहादुर
गौरतलब है कि बीएसएफ जवान तेज बहादुर यादव ने नौ जनवरी को फेसबुक पर एक वीडियो पोस्ट किया था। वीडियो में उसने जवानों को कथित तौर पर दिये जाने वाले खाने को दिखाया था। यादव ने दाल में केवल हल्दी और नमक होने का दावा किया था। उसने साथ ही कहा था कि उन्हें जली हुई रोटी दी जाती है। उसने कहा था कि पाकिस्तान से सटे नियंत्रण रेखा समेत कई स्थानों पर इस प्रकार का खाना दिया जाता है और कई बार जवानों को भूखे पेट सोना पड़ता है।
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बीएसएफ का जवान तेज बहादुर यादव
वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय ने केंद्रीय गृह मंत्रालय और बीएसएफ से मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी। इस बीच तेजबहादुर ने वीआरएस के लिए अप्लाई किया था, जिसे स्वीकार नहीं किया गया। बल्कि उन्हें निर्देश दिया गया कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, वे बीएसएफ नहीं छोड़ सकते। इसके विरोध में तेज बहादुर राजौरी स्थित मुख्यालय में भूख हड़ताल पर बैठ गए थे।
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तेज बहादुर
इसके बाद तेज बहादुर की पत्नी ने पति को गायब कर दिए जाने के आरोप लगाते हुए दिल्ली हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की थी। इस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने पत्नी को दो दिन पति के साथ रहने की इजाजत दी थी। उसके बाद हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। यह जनहित याचिका पूर्व सैनिक पूरनचंद आर्य ने दायर की है। इसकी सुनवाई के दौरान बीएसएफ ने एक हलफनाम पेश किया था। अगली सुनवाई 27 फरवरी को होनी है।
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तेजबहादुर यादव
बीएसएफ ने हाईकोर्ट में पेश हलफनामा में कहा कि तेजबहादुर कई बार अनुशासनहीनता कर चुका है। वीडियो में यादव द्वारा लगाए गए आरोपों को लेकर विस्तृत स्टाफ कोर्ट ऑफ इंक्वायरी का आदेश दिया गया है। तेज बहादुर को एक बार बिना इजाजत 13 दिन की छुट्टी जाने पर दंड मिला। 28 अगस्त, 2007 में नशा करने कि लिए दंडित किया गया। 31 मार्च, 2010 को वरिष्ठ अफसरों को धमकी देने के आरोप में 89 दिनों के लिए कोर्ट मार्शल हुआ।
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तेज बहादुर
- फोटो : social media
बीएसएफ अधिकारियों ने हाईकोर्ट से कहा था कि जवानों का स्वास्थ्य व सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है। जवानों को पौष्टिक आहार मिले यह सुनिश्चित करने के लिए पारदर्शी प्रणाली लागू की गई है। बीएसएफ ने अपने जवाब में खाने को लेकर लगाए सभी आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि जवानों को दिया जाने वाला खाना बीएसएफ मेस में कमांडर के नेतृत्व में बनाया जाता है।