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अभी भी 'जंग' लड़ रहा है तेज बहादुर यादव, अब ये कदम उठाने को हुआ मजबूर

Wed, 31 Jan 2018 10:00 AM IST
विवेक शर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
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Tej Bahadur Yadav - फोटो : File Photo
आपको याद है तेज बहादुर यादव? वो जवान जिसने सेना में मिल रहे खाने का वीडियो बनाकर फेसबुक पर डाला था। 
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Tej Bahadur Yadav - फोटो : File Photo
बीएसएफ के जवानों को मिलने वाले खाने को लेकर सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट करने वाले बीएसएफ जवान ने अपनी बर्खास्तगी के आदेशों को चुनौती दी है।
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Tej Bahadur Yadav - फोटो : File Photo
तेज बहादुर ने याचिका में कहा कि मैने तो अपने और अपने साथियों के लिए सही और पर्याप्त खाना ही मांगा था, मैंने ऐसी क्या भूल कर दी कि सरकार ने मेरी रोजी-रोटी ही छीन ली। हाईकोर्ट ने तेज बहादुर की याचिका पर केंद्र सरकार, बीएसएफ व अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया है।

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तेज बहादुर यादव - फोटो : File Photo
तेज बहादुर ने एडवोकेट एसपी यादव के जरिये दायर याचिका में बताया कि उसने बीएसएफ से वीआरएस के तहत स्वेच्छा से सेवानिवृत्ति देने की मांग की थी। पहले उसे इसकी इजाजत दे दी गई लेकिन बाद में उसकी वीआरएस के आदेशों को रद्द कर उसे सेवा से बिना कोई पूर्व नोटिस दिए ही बर्खास्त कर दिया गया। 
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Tej Bahadur Yadav - फोटो : File Photo
याचिका में तेज बहादुर ने बताया है कि जनवरी 1996 में वह बीएसएफ में कॉन्स्टेबल के पद पर नियुक्त हुआ था। उसे सेवा काल में कई इनाम भी दिए गए जिसमे एक गोल्ड मेडल भी शामिल था। याची ने अक्तूबर 2015 में घटिया खाना दिए जाने की सैनिक सम्मलेन (दरबार) में शिकायत की थी।  
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तेज बाहदुर यादव - फोटो : SELF
अक्तूबर 2016 में याची ने वीआरएस दिए जाने की अर्जी अथॉरिटी को भेज दी। दिसंबर 2016 में उसका एफडीएल एडम बेस खेत में तबादला कर दिया गया था। यहां जवानों को बेहद ही घटिया और अपर्याप्त खाना मिलता था। इस बारे में सैनिक सम्मेलन में शिकायत करने के लिए उसने एक वीडियो बनाया था जिसे उसके साथियों ने उसके फेसबुक पर डाल दिया। 
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Tej Bahadur Yadav
डीआईजी ने मामले की जांच पूरी कर उसे निर्दोष करार दे सेवा में लौटने के आदेश दे दिए। 31 जनवरी को उसकी वीआरएस स्वीकार करते हुए उसे सेवानिवृत्ति के आदेश जारी कर दिए गए। सेवानिवृत्ति के आधे घंटे बाद ही उसे हिरासत में ले लिया गया। हिरासत में ही उसे बताया गया कि उसकी स्वेच्छा से सेवानिवृत्ति की अर्जी को ख़ारिज कर उसे सेवा से बर्खास्त किया जा रहा है। 

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बीएसएफ जवान तेजबहादुर यादव
बर्खास्तगी से यह आदेश जारी किये जाने से पहले उसे नोटिस तक जारी कर उसका पक्ष तक नहीं पूछा गया। इस फैसले को याचिकाकर्ता ने बीएसएफ डीजी के समक्ष चुनौती भी दी थी जिसे ख़ारिज कर दिया गया। याची ने पूछा है कि अच्छा और पर्याप्त भोजन मांगना क्या अपराध है? संवैधानिक अधिकारों के तहत इसकी मांग की जा सकती है। 
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तेजबहादुर
यह था मामला
तेज बहादुर का जवानों को खराब खाना परोसे जाने की शिकायत वाला वीडियो वायरल हो गया था। बीएसएफ ने इस वीडियो को फोर्स की छवि खराब करने की कोशिश बताते हुए तेज बहादुर को बर्खास्त कर दिया था। तेज बहादुर का विडियो वायरल होने के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय और केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस घटना का ब्योरा मांगा था। तेज बहादुर यादव ने अपने उच्च अधिकारियों पर आरोप लगाए थे कि सरकार की तरफ से भेजी गई सामग्री वरिष्ठ अधिकारी बाजारों में बेच देते हैं और जवानों को पूरा खाना भी नहीं मिलता। मामले मे गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने बीएसएफ से रिपोर्ट मांगी थी। बीएसएफ ने तेज बहादुर के खराब रिकार्ड का देते हुए बताया था कि ज्यादातर समय तेह बहादुर को हेडक्वॉर्टर में वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में रखा गया था।
 
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