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तेजबहादुर के वायरल वीडियो पर बोली पत्नीं- भ्रष्ट अधिकारियों की कार्रवाई का डर नहीं

Thu, 12 Jan 2017 09:36 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रेवाड़ी/नारनौल
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तेजबहादुर के वायरल वीडियो पर बोली पत्नीं
जम्मू-कश्मीर में तैनात बीएसएफ के जवान तेज बहादुर यादव का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद अब उनकी पत्नी की सुनिए।
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तेजबहादुर के वायरल वीडियो पर बोली पत्नीं
तेजबहादुर का मोबाइल नंबर मंगलवार को पत्नी से बात करने के बाद स्विच ऑफ है। वीडियो वायरल होने के बाद रेवाड़ी के शांति विहार में किराए पर रह रही उसकी पत्नी शर्मीला ने फोन कर पति से बात की।
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तेजबहादुर के वायरल वीडियो पर बोली पत्नीं
एक घंटे बाद दोबारा संपर्क किया तो नंबर बंद मिला। तब से मोबाइल लगातार ऑफ आ रहा है। पति की चिंता में परेशान शर्मीला बताती हैं कि उनके पति बीस दिन पहले ही महीने भर की छुट्टी बिताकर 19 दिसंबर को वापस जम्मू-कश्मीर गए थे। 

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पहले वे वहां हेडक्वार्टर में तैनात थे और दस दिन पहले ही उनको पुंछ जिले की सरहद पर भेजा गया था। उनके पति शुरुआत से ही गलत चीजों के खिलाफ थे। शर्मीला बावल की एक निजी कंपनी में नौकरी करती हैं, जबकि बेटा रोहित गुड़गांव में आईटीआई कर रहा है।
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जो कहा सही कहा, कोई पछतावा नहीं
अमर उजाला से विशेष बातचीत में शर्मीला ने बताया पति ने जो कुछ भी कहा है वह बिल्कुल सही कहा है।
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तेजबहादुर के वायरल वीडियो पर बोली पत्नीं
शर्मीला ने कहा कि उसे इस बात का कोई पछतावा नहीं है और न ही भ्रष्ट अधिकारियों की कार्रवाई का डर है। उन्होंने पीएम के नाम वीडियो इसलिए बनाया है क्योंकि आलाधिकारी उसे दरबार तक नहीं जाने देते थे।
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- फोटो : SELF
आवाज उठाई तो कर दिया ट्रांसफर
शर्मीला ने कहा कि इस बार छुट्टी पर आए पति ने खराब खाने के बारे में बताया था। शायद इसी बात के विरोध करने पर उनका तबादला सरहद पर कर दिया गया।

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तेज बहादुर - फोटो : social media
इससे पहले भी अधिकारियों के रवैये का विरोध करने पर आसाम, मनीपुर, बंगाल के सलुंगेड़ा, त्रिपुरा में उनके पति का तबादला हो चुका है। वे कहती हैं कि पहले बेटे को भी सेना में भेजना चाहते थे, लेकिन अब अधिकारियों का रवैया देख न उनका मन है और न ही बेटे की इच्छा।

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तेजबहादुर के बाद मां ने भी खोला मोर्चा
तेज बहादुर जब भी घर आता था, कहता था ‘मां खाना ऐसा बनता है कि अक्सर भूखा रहता हूं।’ ऐसी नौकरी का क्या मतलब, जिसमें भर पेट ढंग का खाना भी नसीब न हो।  बीएसएफ में खाने की घटिया क्वालिटी को लेकर वीडियो पर अपना दर्द बयां करने वाले महेंद्रगढ़ के राताकलां गांव निवासी तेजबहादुर यादव की मां निहालकौर यह कहते हुए निराश दिखी कि उसके बेटे ने सच बयां किया है, न जाने अब उसके साथ अब क्या होगा। उसकी जान को भी खतरा हो सकता है। 

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तेजबहादुर के बाद मां ने भी खोला मोर्चा
तेजबहादुर के पिता शेरसिंह का कहना था कि बेटा कहता था पशुओं जैसा खाना मिलता है। जब भी छुट्टी पर आता है तो हरदम खाने की शिकायत करता था। खाना सही नहीं मिलने के कारण वह अक्सर भूखा रहता था। ऐसे में वह नौकरी छोड़ने का मन बना चुका था। वो कहता था कि विरोध करता हूं तो अधिकारी कई तरह के आरोप लगाकर फंसा देते हैं। 
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तेजबहादुर के वायरल वीडियो पर बोली मां
वो इससे दुखी था कि कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही। तेजबहादुर के भाई किशन और हनुमान सिंह ने बताया कि वह 20 दिन पहले ही छुट्टी काट कर लौटा था। जब भी गांव आता था कहता था कि फौज में खाना अच्छा नहीं मिलता। नौकरी छोड़ूंगा। वो कहता था कि जान जोखिम में डालकर दुगर्म जगहों पर ड्यूटी करते हैं, परंतु खाना भी सही नहीं मिले तो फिर ऐसी नौकरी का क्या मतलब। ऐसे में उसका कहना था कि वीआरएस लेकर घर आऊंगा। 
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