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जवान ने छेड़ी 'रोटी' की जंग, मां-पत्नी के बाद बेटे ने दिया बड़ा बयान

Thu, 12 Jan 2017 05:07 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रेवाड़ी/नारनौल(हरियाणा)
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तेज बहादुर
एक जवान ने 'रोटी' की ऐसी जंग छेड़ी जिसने पूरे देश की सियासत को हिलाकर रख दिया। आज भले ही कुछ लोग उस जवान को गलत बता रहे हैं लेकिन देखिए जवान की मां-पत्नी और बेटे का क्या मानना है।
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तेज बहादुर की पत्नी शर्मीला - फोटो : अमर उजाला
अमर उजाला से विशेष बातचीत में तेज बहादुर की पत्नी शर्मीला ने बताया पति ने जो कुछ भी कहा है वह बिल्कुल सही कहा है। 
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तेजबहादुर के वायरल वीडियो पर बोली पत्नीं
शर्मीला ने कहा कि उनके पति को इस बात का कोई पछतावा नहीं है और न ही भ्रष्ट अधिकारियों की कार्रवाई का डर है। उन्होंने पीएम के नाम वीडियो इसलिए बनाया है क्योंकि आलाधिकारी उसे दरबार तक नहीं जाने देते थे।

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तेज बहादुर की पत्नी - फोटो : ANI
शर्मीला ने कहा कि इस बार छुट्टी पर आए पति ने खराब खाने के बारे में बताया था। शायद इसी बात के विरोध करने पर उनका तबादला सरहद पर कर दिया गया। इससे पहले भी अधिकारियों के रवैये का विरोध करने पर आसाम, मनीपुर, बंगाल के सलुंगेड़ा, त्रिपुरा में उनके पति का तबादला हो चुका है। 
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तेजबहादुर के वायरल वीडियो पर बोली पत्नीं
वे कहती हैं कि पहले बेटे को भी सेना में भेजना चाहते थे, लेकिन अब अधिकारियों का रवैया देख न उनका मन है और न ही बेटे की इच्छा।
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तेज बहादुर का बेटा रोहित
तेज बहादुर के बेटे रोहित का कहना है कि उचित भोजन के लिए पूछना गलत नहीं है, इस बात की जांच होनी चाहिए। रोहित ने इस बात पर बल दिया है कि सेना के उच्च अधिकारी इस बात की जांच कर और उन्हे न्याय दें।
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तेजबहादुर यादव
उधर तेज बहादुर की मां का कहना है कि जब भी वह घर आता था, कहता था ‘मां खाना ऐसा बनता है कि अक्सर भूखा रहता हूं।’ ऐसी नौकरी का क्या मतलब, जिसमें भर पेट ढंग का खाना भी नसीब न हो।

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- फोटो : SELF
बीएसएफ में खाने की घटिया क्वालिटी को लेकर वीडियो पर अपना दर्द बयां करने वाले महेंद्रगढ़ के राताकलां गांव निवासी तेजबहादुर यादव की मां निहालकौर यह कहते हुए निराश दिखी कि उसके बेटे ने सच बयां किया है, न जाने अब उसके साथ अब क्या होगा। उसकी जान को भी खतरा हो सकता है।

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तेजबहादुर के बाद मां ने भी खोला मोर्चा
तेजबहादुर के पिता शेरसिंह का कहना था कि बेटा कहता था पशुओं जैसा खाना मिलता है। जब भी छुट्टी पर आता है तो हरदम खाने की शिकायत करता था।

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तेजबहादुर के बाद मां ने भी खोला मोर्चा
खाना सही नहीं मिलने के कारण वह अक्सर भूखा रहता था। ऐसे में वह नौकरी छोड़ने का मन बना चुका था। वो कहता था कि विरोध करता हूं तो अधिकारी कई तरह के आरोप लगाकर फंसा देते हैं। 
 

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तेजबहादुर के बाद मां ने भी खोला मोर्चा
वो इससे दुखी था कि कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही। तेजबहादुर के भाई किशन और हनुमान सिंह ने बताया कि वह 20 दिन पहले ही छुट्टी काट कर लौटा था। 
 

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तेज बहादुर - फोटो : social media
जब भी गांव आता था कहता था कि फौज में खाना अच्छा नहीं मिलता। नौकरी छोड़ूंगा। वो कहता था कि जान जोखिम में डालकर दुगर्म जगहों पर ड्यूटी करते हैं, परंतु खाना भी सही नहीं मिले तो फिर ऐसी नौकरी का क्या मतलब। ऐसे में उसका कहना था कि वीआरएस लेकर घर आऊंगा।
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तेज बहादुर
शेरसिंह ने तेजबहादुर पर बीएसएफ के अधिकारियों की ओर से लगाए आरोपों पर कहा कि इसके बारे में उन्हें कुछ पता नहीं है। हां केस चल रहे हैं इसके बारे में अक्सर कहता था, लेकिन क्या मामला था, इसका पता नहीं है।
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