फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सेना ने लगाए बीएसएफ जवान तेज बहादुर पर कई गंभीर आरोप

Fri, 24 Feb 2017 05:25 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
विज्ञापन
1 of 7
- फोटो : File Photo
बीएसएफ ने आज हाईकोर्ट में अपना हलफनामा पेश किया, जिसमें जवान तेज बहादुर पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
विज्ञापन

2 of 7
बीएसएफ जवान तेजबहादुर यादव
बीएसएफ ने वीरवार को दिल्ली उच्च न्यायालय को बताया कि तेज बहादुर ने वीआरएस के लिए 14 अक्टूबर, 2016 में अर्जी लगाई थी। विभाग ने 25 दिनों के भीतर ही उसकी अर्जी स्वीकार की। बीएसएफ ने बताया कि 31 जनवरी, 2017 को वीआरएस दिया जाना था लेकिन 15 जनवरी को तेज बहादुर ने फिर से पत्र लिखकर वीआरएस रद्द करने की मांग की। 
विज्ञापन

3 of 7
बीएसएफ जवान तेजबहादुर यादव - फोटो : फाइल फोटो
बीएसएफ ने बताया कि 9 जनवरी को वीडियो वायरल होने के बाद जांच कमेटी बनाई गई और पूछताछ के लिए 30 जनवरी को वीआरएस रद्द किया गया। बीएसएफ ने हाईकोर्ट में दिए अपने हलफनामे में तेज बहादुर यादव पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। बीएसएफ ने दावा किया है कि तेज बहादुर को अनुशासनहीनता के लिए 4 बार दंडित किया जा चुका है। 

4 of 7
बीएसएफ जवान तेजबहादुर यादव
तेज बहादुर को एक बार बिना इजाजत 13 दिन की छुट्टी जाने पर दंड मिला। 28 अगस्त, 2007 में नशा करने कि लिए दंडित किया गया। 31 मार्च, 2010 को वरिष्ठ अफसरों को धमकी देने के आरोप में 89 दिनों के लिए कोर्ट मार्शल हुआ।
विज्ञापन

5 of 7
बीएसएफ जवान तेजबहादुर यादव - फोटो : फाइल फोटो
वहीं बीएसएफ ने अपने हलफनामे के जरिए कोर्ट को बताया कि इंटरनल कमेटी की रिपोर्ट में तेज बहादुर के खाने की क्वालिटी को लेकर लगाए गए अरोपों को झूठा और निराधार पाया गया। बीएसएफ ने कोर्ट को बताया है कि खाने की क्वालिटी को लेकर तेज बहादुर की कोई शिकायत विभाग को नहीं मिली। 
विज्ञापन

6 of 7
बीएसएफ जवान तेजबहादुर यादव - फोटो : File Photo
बीएसएफ ने उच्च न्यायालय को बताया कि जवानों को पोषक व सुरक्षित खाना प्रदान करना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। जवानों के लिए गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पारदर्शी प्रणाली अपनाई जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
बीएसएफ जवान तेजबहादुर यादव
दरअसल, बीएसएफ के कॉन्‍स्‍टेबल तेज बहादुर यादव ने बीते 9 जनवरी को सोशल मीडिया पर एक वीडियो अपलोड किया था, जिसमें जवानों को मिलने वाली खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल उठाए थे। इसके साथ ही जवान ने कुछ वरिष्ठ अधिकारयों पर जवानों के लिए आपूर्ति की जाने वाली खाद्य सामग्री को गैर-कानूनी ढंग से बेचने का आरोप भी लगाया गया था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें