रात को जब पुलिस कर्मी वहां पर पहुंचे तो युवती कार में थीं और युवक बाहर थे। उन्होंने शराब पी रखी थी। युवतियां कोई भी फरमाइश करती थीं, उनको पूरा करने की जिम्मेदारी संदीप की थी। सुशीला कुछ समय जींद में रही थी। वहां उसकी पहचान अमित से हुई थी। उसके बाद उसने अपनी पड़ोसन व सहेली आशा को भी उससे मिलवाया था। उसके बाद आरोपी गांव बुटाना आने लगे। जिस दिन युवकों को आना होता था, वह पहले ही युवतियों को मैसेज कर देते थे। उसके चलते युवतियां परिवार के लोगों को नींद की गोलियां दे देती थीं। गोलियां पहले ही अमित दे जाता था।