नए साल पर वाघा बार्डर पर रिट्रीट सेरेमनी देखने के लिए जाने वाले सैलानियों को पर्यटन विभाग बड़ा तोहफा देने जा रहा है। देखिए, क्या?
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नए साल पर वाघा बार्डर जाने वाले पर्यटकों को खास तोहफा
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अमृतसर से करीब 22 किलोमीटर दूर अटारी बार्डर तक जाने के लिए दो दशक से बसें दिन में जाती हैं लेकिन खास तौर पर रिट्रीट के समय कोई बस नहीं है, वह भी सरहद तक। रिट्रीट सेरेमनी देखने के लिए रोजाना 25 हजार से अधिक सैलानी आते हैं।
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सरहद तक ले जाने के नाम पर सैलानी निजी वाहन चालकों की ओर से ठगे जाते हैं। आटो रिक्शा 500 से 1000 और टैक्सी चालक 1000 से 3000 रुपए तक लेते हैं। कई बार सैलानी लूट-खसूट के भी शिकार हो चुके हैं।
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पर्यटन विभाग अब इस रूट पर रिट्रीट सेरेमनी के समय पर सरकारी बसें चलाएगा। पर्यटन विभाग की पहल पर सरहद तक पहली बार सरकारी आवागमन शुरू करने व सरकार से बसों का परमिट लेने की कवायद भी प्रशासन ने शुरू कर दी है।
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अटारी बॉर्डर पर सरकारी बसें अमृतसर रेलवे स्टेशन या श्री हरिमंदिर साहिब के आसपास से रोजाना निर्धारित समय पर जाएगी और फिर उधर से पर्यटकों को लेकर आएगी। शुरू में विभाग की आधा दर्जन बसें चलाने की योजना है।