सभी को हंसा हंसाकर लोटपोट कर देने वाली भारती सिंह की आज शादी है। पढ़िए कैसे इनकी Love Story आज शादी तक पहुंच गई।
विज्ञापन
2 of 8
bharti singh
- फोटो : bharti singh
2 दिसंबर को मेहंदी सेरेमनी के बाद रविवार की सुबह से भारती सिंह की हल्दी की रस्म हो गई है। हर्ष और भारती की ये रस्म फैमिली की मौजूदगी में गोवा में हो रही है। यहीं आज शादी समारोह भी संपन्न होगा।
विज्ञापन
3 of 8
Bharti Singh
- फोटो : File Photo
दरअसल, भारती सिंह और हर्ष लिम्बाचिया पिछले कुछ सालों से एक-दूसरे को डेट कर रहे थे। हर्ष कॉमेडी क्लासिज और कॉमेडी सर्कस के लेखक हैं। एक इंटरव्यू में भारती सिंह ने कहा कि, मैंने कभी प्यार नही किया था, मुझे लगता था कि मोटी हूं तो किसी मोटे से ही शादी होगी, लेकिन हर्ष ने मुझे प्यार करना सिखाया। उसके ‘आई लव यू’ क हने से मेरे में बदलाव आया।
4 of 8
Bharti Singh And Haarsh Limbachiyaa
भारती ने बताया है कि हम दोनों पिछले सात साल से प्रोफेशनल तौर पर एक दूसरे को जानते हैं। हर लड़की का सपना होता है शादी करना। मैंने भी देखा और मेरे पैरेंटस भी यही चाहते हैं कि मैं जल्दी से जिंदगी में सेटल हो जाऊं।
विज्ञापन
5 of 8
Bharti Singh
ईमानदारी से कहूं तो मैं खुद को एक टिपिकल भारतीय गृहिणी की तरह देखना चाहती हूं, जो अपने बच्चों के लिए रोटियां बनाए। शादी के बाद एक सामान्य जिंदगी बिताए।
विज्ञापन
6 of 8
Bharti Singh And Haarsh Limbachiyaa
भारती खुद कहती हैं कि गुजराती होने पर भी हर्ष बेहद खर्चीले हैं। जहां हम पंजाबी कंजूसी कर जाते हैं, वहां यह खुलकर पैसा खर्च करते हैं। एक बार दो लाख रुपए का पर्स बिना खरीदे वापस आ गई। अगले दिन हर्ष वही पर्स खरीद लाए।
विज्ञापन
7 of 8
Bharti Singh
भारती कहती हैं कि मैं लकी हूं मुझे हर्ष मिले। इनकी सोच बहुत अच्छी है। शो अच्छा जाए, इसलिए यह सेट पर मुझसे फ्लर्ट करवाते हैं। भारती ने बताया कि वह और हर्ष सेट पर खूब मस्ती करते हैं। यही मस्ती उनकी रियल लाइफ का अहम हिस्सा है। हंसी को कंट्रोल ही नहीं कर पाते। सेट पर किसी की शक्ल किसी के कपड़े देखते हंसते हैं।
भारती ने बताया कि मुझे खाना पकाने का बहुत शौक है। हर्ष को मेरे हाथ के बने गोभी के परांठे बेहद पसंद हैं। जब हम दोनों किसी पार्टी में इकट्ठे जाते हैं तो हर्ष वहीं कह देते हैं कि जाओ किचन में जाकर मेरे लिए परांठे बनाओ। पर गुस्सा तब आता है, जब हर्ष अपने साथ चार और लोगों को बिठा लेते हैं और मुझे कहते हैं कि इनके लिए भी परांठे पकाओ।