पुराने नोटों को नए नोटों में 15 फीसदी कटौती कर तब्दील किया जा रहा है, ऐसी जानकारी पर पुलिस ने कार्रवाई कर छह आरोपियों को तो दबोच लिया लेकिन पुलिस को उल्टा परेशानी हो गई है। पुलिस ने उस शिकायतकर्ता का नाम भी छिपा लिया है, जिसके साथ 20 लाख के पुराने नोटों की ठगी की गई थी और इतना ही नहीं 20 लाख की करेंसी कहां है, इस मामले पर पुलिस पर्दा डालने में जुट गई है।
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पुराने नोट ऐसे बन रहे नये
दरअसल, पुलिस ने एफआईआर में शिकायतकर्ता का नाम छिपा लिया है और खुद ही शिकायतकर्ता बन गई है। जालंधर कमिश्नरेट पुलिस के एएसआई दलजिंदर सिंह शिकायतकर्ता बन गए। सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने शिकायतकर्ता का नाम इसलिए छिपा लिया ताकि इस ब्लैक मनी की जानकारी आयकर विभाग से छिपाया जा सके, दूसरा कोर्ट कचहरी के चक्कर में सुपुर्दगी के लेने वक्त इनकम टैक्स विभाग के बारे में बताना पड़ना था कि यह राशि कहां से मिली थी ?
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पुराने नोट ऐसे बन रहे नये
- फोटो : social media
इसे बैंक से लाया गया था या फिर कोई जमीन जायदाद बेचकर। पुलिस ने इस मामले में उन लोगों को बिल्कुल पर्दे के पीछे रख लिया है, जिनके साथ 20 लाख के पुराने नोटों की ठगी हुई थी।जानकारों के मुताबिक इस पूरे गेम में एक भाजपा का हाईप्रोफाइल नेता शरीक है, जिसने इस मामले में पुलिस पर जबरदस्त ढंग से प्रेशर डाला ताकि आयकर विभाग व जनता के बीच होने वाली किरकिरी से बचा जा सके।
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पुराने नोट ऐसे बन रहे नये
पता चला है कि जिस मोबाइल विक्रेता के माध्यम से इस राशि को तब्दील कराने के लिए भेजा गया था, उस विक्रेता का असलहा लाइसेंस भी कुछ समय पहले ही एक दिग्गज नेता ने बनवाकर दिया था। इस लाइसेंस में किस नेता ने सिफारिश की थी, इसे लेकर भी पुलिस ने अपनी जुबान बंद कर ली है।
जालंधर में इस मामले को लेकर जबरदस्त चर्चा हो रही है और लोग दबी जुबान में कई नेताओं के नाम ले रहे हैं, जिनका काला धन इधर से उधर किया जा रहा था। एसीपी मनप्रीत सिंह का कहना है कि हम जांच कर रहे हैं, अभी कुछ भी कहा नहीं जा सकता है। जिसके साथ 20 लाख के पुराने नोटों की ठगी हुई, उसका क्या नाम है ? इस पर भी एसीपी ने चुप्पी साध ली।