हिसार की बहादुर बेटी से मिलिए, रेल हादसे में दोनों हाथ खो चुकी मीनू ने हार नहीं मानी और पैरों को ही अपने हाथ बना लिए। देखिए, तस्वीरें।
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हरियाणा के हिसार की बहादुर बेटी मीनू
- फोटो : अमर उजाला
जानकारी के अनुसार हिसार की मीनू जब वह 2 साल की थी उस समय रेलगाड़ी के नीचे आने से उसके दोनों हाथ कट हो गए थे। उसने हार न मानकर अपने सारे कार्य पैरों से ही करने शुरू कर दिए। वह अपने सारे काम जैसे लिखना, कपड़े धोना आदि पैरों से ही करती है।
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हरियाणा के हिसार की बहादुर बेटी मीनू
- फोटो : अमर उजाला
मीनू 5वीं कक्षा में पढ़ती है। वह पढ़ाई में भी अव्वल है। मीनू के पिता कृष्ण कुमार का कहना है कि वह अपनी बेटी को किसी से कम नहीं समझते। उन्होंने उसे कभी एहसास नहीं होने दिया कि वह किसी पर बोझ बन सकती है। उसके माता-पिता मजदूरी का काम करते हैं।
हरियाणा के हिसार की बहादुर बेटी मीनू
- फोटो : अमर उजाला
मीनू अपने पैरों से कार्य करते-करते प्रत्येक काम करने सिख गई है। अब वह घर के कार्यों में मदद करती है। वह साइकिल में सामान लाने के इलावा घर की सफाई, कपड़े धोना, लिखना सारे काम खुद करती है। मीनू के माता-पिता उसे आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करते रहते हैं।