फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Baroda bypoll : योगेश्वर दत्त दूसरी बार चुनाव हारे, कांग्रेस के इन 'पहलवानों' ने दी सियासी पटखनी

Tue, 10 Nov 2020 05:11 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
1 of 5
इंदुराज नरवाल, योगेश्वर दत्त, श्रीकृष्ण हुड्डा - फोटो : फाइल फोटो
दंगल में दुनियाभर में नाम कमाने वाले पहलवान योगेश्वर दत्त लगातार दो बार से मात खा रहे हैं। भाजपा का दामन थाम योगेश्वर दत्त ने अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत की। लेकिन ये शुरुआत बेहद खराब थी। सोनीपत जिले की बरोदा विधानसभा से साल 2019 में योगेश्वर दत्त ने पहला चुनाव लड़ा था। पहले चुनाव में योगेश्वर दत्त को कांग्रेस के दिवंगत नेता श्रीकृष्ण हुड्डा ने मात दी। तो वहीं अब उपचुनाव में इंदु राज नरवाल के हाथों उन्हें पराजय का सामना करना पड़ा।
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 5
दीपेंद्र हुड्डा के साथ दिवंगत श्रीकृष्ण हुड्डा। - फोटो : फाइल फोटो
2019 में श्रीकृष्ण हुड्डा ने दी थी मात
श्रीकृष्ण हुड्डा बरोदा विधानसभा सीट से तीन बार विधायक चुने गए थे। साल 2009 में पहली बार विधानसभा चुनाव जीते थे। दूसरी बार 2014 और तीसरी बार 2019 में चुनाव जीतकर हरियाणा विधानसभा पहुंचे। श्रीकृष्ण हुड्डा ने बरोदा सीट से ही योगेश्वर दत्त को हराया था। श्रीकृष्ण हुड्डा हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बेहद करीबी थे। श्रीकृष्ण हुड्डा के निधन के बाद यह सीट खाली थी। अब हुए उपचुनाव में इसी सीट से योगेश्वर दत्त को दोबारा कांग्रेस प्रत्याशी से हार मिली।
विज्ञापन

3 of 5
इंदुराज नरवाल - फोटो : फाइल फोटो
इंदुराज नरवाल ने दी पटखनी
बरोदा उपचुनाव में योगेश्वर दत्त को कांग्रेस प्रत्याशी इंदुराज नरवाल ने 10496 मतों से मात दी। तीन नंवबर को यहां मतदान संपन्न हुआ। लगभग 68.57 फीसदी लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इंदुराज सोनीपत जिला परिषद के पूर्व सदस्य रह चुके हैं। बरोदा हलका जहां पहले इनेलो का गढ़ होता था, वहीं वर्ष 2009 से लगातार कांग्रेस ने कब्जा जमाया हुआ है। बरोदा को पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा का गढ़ माना जाता है। इंदुराज नरवाल ने एक बार फिर जीत दर्जकर कांग्रेस के कब्जे को बरकरार रखा।

4 of 5
योगेश्वर दत्त - फोटो : फाइल फोटो
जानें- योगेश्वर का सफरनामा
पहलवान योगेश्वर दत्त का जन्म हरियाणा के सोनीपत जिले में हुआ। फ्री-स्टाइल रेसलर योगेश्वर रियो ओलंपिक में भारत के लिए 65 किलोग्राम भार वर्ग में मैट पर उतर चुके हैं। योगेश्वर ने 2012 के लंदन ओलंपिक में 60 किलोग्राम भार वर्ग में भारत के लिए कांस्य पदक जीता था। फ्री-स्टाइल कुश्ती में पदक जीतने वाले वो दूसरे पहलवान बने। 2008 के बीजिंग ओलंपिक में भी योगेश्वर ने शिरकत की थी, मगर वो क्वार्टर फाइनल में हारकर बाहर हो गए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
योगेश्वर दत्त - फोटो : pti
योगेश्वर ने 2014 में इंचियोन एशियाई खेल में देश के लिए सोने का तमगा जीता था। योगेश्वर ने 2006 के दोहा एशियन गेम्स में 60 किलो भार वर्ग में कांस्य जीता चुके हैं। एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप 2012 में भी योगेश्वर देश का झंडा बुलंद कर चुके हैं। योगेश्वर दत्त ने 2010 दिल्ली कॉमनवेल्थ खेलों में 60 किलोग्राम भार वर्ग में गोल्ड जीता था। इसके बाद 2014 ग्लास्गो कॉमनवेल्थ खेलों में 65 किलोग्राम भारवर्ग में उतरकर भी गोल्ड जीता था। उन्हें 2012 में राजीव गांधी खेल रत्न भी दिया गया था,  साथ ही साल 2013 में पद्मश्री पुरस्कार भी दिया जा चुका है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें