छतबीड़ चिड़ियाघर का दबंग कौन?.....पारस। उसके सामने ‘लकी’ की स्टोरी अनलकी हो जाती है। ‘अपाया’ और उसकी लवर चोरनी भी शांत बैठ जाती है।
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तस्वीरों में देखिए, चंडीगढ़ का 'दबंग'
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आप सोच रहे होंगे कि यह पारस है कौन? यह है रायल बंगाल टाइगर पारस। पारस नौ फुट लंबा है और जब पेड़ पर खड़ा होता है तो लंबाई से ज्यादा सवा नौ फुट का स्क्रैच मारता है।
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पारस को उसी इलाके में रहने वाला अपना प्रतिद्वंद्वी अपाया जरा भी नहीं सुहाता। दोनों के बीच की लोहे की स्लाइड खुलती है तो पारस का पारा एकदम चढ़ जाता है और अपाया खिसक जाता है।
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जू अथॉरिटी ने कई बार सोचा कि पारस और अपाया के बीच दोस्ती करवा दी जाए पर ऐसा हो नहीं सका। टाइगर लकी से भी वह दोस्ती नहीं करता। हां, बाघिन चोरनी को वह जरूर पसंद करता है।
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छतबीड़ चिड़ियाघर में सात साल पहले लुधियाना चिड़ियाघर से लाए गए पारस का डीलडौल सबको आकर्षित करने वाला है। उसका वजन है तीन क्विंटल। सिर काफी बड़ा है।
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पारस यूं ही दबंग नहीं है बल्कि उसको दबंग बनाए रखने में उसकी देखभाल का अहम योगदान दिया है। पारस और उसके इलाके में रहने वाले अन्य टाइगर्स के लिए रोजाना सहारनपुर से भैंस का कच्चा मांस आता है।
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पारस की रोजाना की खुराक है दस किलो कच्चा मांस। पारस के रूम को भी स्पेशल बनाया गया है। पंद्रह बाई पंद्रह के इस कमरे में पारस के गरम मिजाज को ठंडा करने के लिए एक कूलर और एक पंखा लगा है।
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पारस का स्नान टुल्लू पंप के नीचे होता है। वह फ्रेश और कूल रहना पसंद करता है इसीलिए थोड़ा सैर सपाटे के बाद बाहर बने तालाब में बैठा रहता है।
भोजन जू से मिली जानकारी के अनुसार रायल बंगाल टाइगर्स को शुक्रवार को फीड नहीं दी जाती। इसकी वजह है कि शुक्रवार को सहारनपुर से कच्चे मांस की सप्लाई नहीं होती।