फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कई राज्यों में टिड्डी दल का हमला, गुब्बारे वाले ऐसे बन सकते हैं मद्दगार, वैज्ञानिक ने खोजा तरीका

Tue, 30 Jun 2020 12:48 AM IST
ajay kumar अमित शर्मा, अमर उजाला, मोहाली (पंजाब)
विज्ञापन
1 of 5
टिड्डी दल के हमले से फसलों को बचाने के लिए गलियों में गुब्बारे बेचने वाले अहम भूमिका निभा सकते हैं। इससे जहां कोरोना कॉल में इन लोगों को बढ़िया रोजगार के अवसर मिल पाएंगे, वहीं फसलों को भी टिड्डी दल से सुरक्षित रखा जा सकेगा। इतना ही नहीं इस सिस्टम से कोई हादसा नहीं होगा और टिड्डी दल को भी आसानी से खत्म किया जा सकेगा। ऐसी एक तकनीक इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च मोहाली के साइंटिस्ट डॉ. सम्राट घोष ने तैयार की है। उन्होंने बताया कि उनकी ओर से एक जुगाड़ तकनीक के तहत फार्मूला सिस्टम तैयार किया गया है।
विज्ञापन

2 of 5
टिड्डी दल का हमला
इस सिस्टम का वह ट्रायल भी कर चुके हैं। जिसके नतीजे काफी सार्थक रहे हैं। वहीं, उन्होंने इस संबंध में केंद्र सरकार और अन्य राज्यों की सरकार को भी पत्र लिखा है। डॉ. सम्राट घोष ने बताया कि गत कुछ समय से टिड्डी दल का आतंक कई राज्यों में चल रहा है। पंजाब, दिल्ली, महाराष्ट्र समेत कई राज्य टिड्डी दल के फसलों पर हमले से निपटने के लिए रणनीति और टीमें गठित कर काम रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ कुछ राज्यों की सरकारों ने एडवाइजरी जारी की है कि टिड्डी दल को भगाने के लिए पटाखे या तेज म्यूजिक आदि चलाया जाए। हालांकि उनका मानना है कि जब पटाखे चलेंगे तो उससे प्रदूषण फैलेगा ओर हादसे होने का भी डर बना रहेगा। 
विज्ञापन

3 of 5
ऐसे में डॉ. घोष की ओर से तैयार किया गया सिस्टम काफी कारगर साबित होगा। इस सिस्टम के तहत जो लोग गलियों में हाइड्रोजन गैस भरकर गुब्बारे बेचते हैं। वह इस काम में बढ़िया भूमिका निभा सकते हैं। डॉ. सम्राट घोष का कहना है कि इस तकनीक से टिड्डी दल को मारना काफी आसान है। डॉ. सम्राट घोष ने बताया कि टिड्डी दल को मारने के लिए हमें सबसे पहले हार्डवेयर के स्टोर से वह सूत का धागा लेना होगा जो पाइपों में टोटी फिट करने में इस्तेमाल होता है। इस धागे को एक बार दोहरा कर और फिर इसे तीन-चार बार दोहरा करके दोनों किनारों से बांध देना होगा। इसके बाद मोमबत्ती लेकर इस पर चारों ओर रगड़नी होगी। जिससे इस धागे पर मोम लिपट जाए।

4 of 5
इसके बाद बड़े गुब्बारे में हाइड्रोजन गैस भरनी होगी और गुब्बारे को इस मोम लिपटे दो मीटर के धागे से बांधना होगा। इस दौरान धागे का दूसरा छोर नीचे लटकता छोड़ देना होगा और धागे के नीचे लटके छोर पर आग लगानी होगी जैसे मोमबत्ती के धागे में आग लग जाने पर वह आसानी से बुझती नहीं। फिर गुब्बारे को वहां छोड़ देना होगा जहां खेत के ऊपर टिड्डी दल मंडरा रहा होगा। इसके बाद वहां उड़ते टिड्डी दल के पास तक पहुंचते ही धागे पर लगी आग से गुब्बारा धड़ाम से फूट जाएगा और हाइड्रोजन गैस से आग अचानक दूर तक फैलेगी, जिससे काफी संख्या में टिड्डी जलकर नीचे गिर जाएंगी। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
अब इसी तरह बहुत से गुब्बारे तैयार कर ऊपर उड़ते टिड्डी दल पर छोड़ने से आग में काफी संख्या में टिड्डी दल का खात्मा किया जा सकता है। वहीं, आग लगने के बाद हाइड्रोजन गैस पानी में बदल जाएगी। इससे किसी भी तरह का कोई नुकसान नहीं होगा और प्रदूषण भी नहीं फैलेगा, यह डॉ. सम्राट घोष ने इससे पहले इसी साल जनवरी में जब कोरोना चीन में कहर बरपा रहा था तो उन्होंने चेहरे के लिए नाक लंगोट बनाया था। जो कि सेहत और शरीर के लिए फायदेमंद था। इसके बाद सरकार ने मास्क का इस्तेमाल करने को कहा। इसके अलावा उन्होंने वैक्यूम क्लीनर से कोरोना वायरस को खत्म करने की विधि भी बनाई। इससे पहले उन्होंने पॉल्यूशन फ्री ग्रीन पटाखे तैयार किए थे। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें