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4 मिनट में 'दंगल' जीत इतिहास रचने के बाद बजरंग पूनिया ने दिखाई जिंदादिली, आप कहेंगे- शाबाश

Tue, 21 Aug 2018 09:43 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोनीपत(हरियाणा)
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बजरंग पूनिया
एशियन गेम्स में 4 मिनट में 'दंगल' जीतकर स्वर्णिम इतिहास रचने के बाद पहलवान बजरंग पूनिया ने जिंदादिली दिखाते हुए ऐसी बात कहीं, सुनकर आप कहेंगे- शाबाश बेटा।
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BAJRANG PUNIA
18वें एशियाई खेलों में 65 किलो फ्रीस्टाइल कुश्ती में गोल्ड मेडल जीतकर भारत को पहला स्वर्ण पदक दिलाने वाले बजरंग पूनिया ने अपनी जीत दिवंगत प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को समर्पित की है। पूनिया ने कहा कि मैं यह स्वर्ण पदक पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को समर्पित करता हूं जिनका हाल ही में निधन हुआ है। उन्होंने इस पदक का श्रेय अपने मेंटर योगेश्वर दत्त को भी दिया, साथ ही मां-बाप का भी आभार व्यक्त किया।
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atal bihari vajpayee bajrang
बजरंग पूनिया ने फ्रीस्टाइल 65 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल में जापान के पहलवान तकातानी डियाची को 11-8 से हराया। इसके साथ ही वे एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीतने वाले भारत के 9वें पहलवान हो गए। भारत ने एशियाई खेलों में अब तक कुल 10 गोल्ड मेडल जीते हैं। करतार सिंह भारत के ऐसे पहलवान हैं, जो दो एशियाई खेलों (1978 बैंकाक और 1986 सियोल) में गोल्ड मेडल जीते चुके हैं। हरियाणा के खेल मंत्री अनिल विज ने ट्वीट कर बजरंग को 3 करोड़ रुपए का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की।

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bajrang punia
एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतकर पहलवान बजरंग पूनिया ने अपने गुरु से किया हुआ वादा पूरा कर दिया। यह वादा बजरंग पूनिया एशियन गेम्स में जाने से पहले अपने गुरु ओलंपिक मेडलिस्ट योगेश्वर दत्त से किया था। बजरंग पूनिया ने योगेश्वर दत्त से कहा था कि वह एशियन गेम्स में पहले जीती चांदी को इस बार जरूर सोने में बदलकर लाएगा और देश का नाम रोशन करेगा। क्योंकि पहलवान बजरंग पूनिया पिछले एशियन गेम्स में सिलवर मेडल जीत चुका है।
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bajrang punia
वहीं बजरंग की नजर टोक्यो ओलंपिक पर टिकी हुई है और वह ओलंपिक को अपना बड़ा टारगेट देखकर आगे बढ़ रहा है तो वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप के लिए भी जंग जारी रखने की बात बजरंग कहता है। बजरंग पूनिया को शुरूआत से ओलंपिक मेडलिस्ट योगेश्वर दत्त का साथ मिला है और इसलिए योगेश्वर को वह अपना गुरु मानते है। योगेश्वर दत्त ने बताया कि वह जब भी साथ रहते है तो अधिकतर कुश्ती को लेकर ही बात होती है। क्योंकि बजरंग से उनको बड़ी उम्मीद रहती है कि वह हर जगह देश का नाम रोशन करके आएगा।
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बजरंग पूनिया
एशियन गेम्स के लिए रवाना होने से पहले भी बजरंग पूनिया व योगेश्वर दत्त साथ थे। बजरंग 2014 में इंच्योन में हुए एशियन गेम्स में देश के लिए सिल्वर मेडल जीत चुके है। इसलिए योगेश्वर ने बजरंग से कहा था कि इस बार तिरंगा सबसे ऊपर होना चाहिए और वह देश के लिए गोल्ड मेडल जीतकर लाए। बजरंग पूनिया ने अपने गुरु योगेश्वर दत्त से तुरंत वादा किया कि वह उनकी व देश के लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरेगा और वह वादा करता है कि इस बार गोल्ड मेडल ही लेकर आएगा।
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बजरंग पूनिया
ओलंपिक है मेरा टारगेट, वर्ल्ड चैंपियनशिप की जंग भी लड़ेंगे: बजरंग
एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने के बाद बजरंग पूनिया ने फोन पर परिजनों से बातचीत की तो वह काफी खुश दिख रहा था। बजरंग ने कहा कि उसे उम्मीद थी कि वह गोल्ड मेडल जरूर जीतेगा। यह मेडल हर उस देशवासी के लिए है, जिसने उसकी जीत की दुआ की थी और जिसने उस पर गोल्ड मेडल की उम्मीद रखी। बजरंग ने कहा कि अब वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप होनी है, जिसके लिए लगातार जंग जारी रहेगी। यह जंग यही रुकने वाली नहीं है, बल्कि टोक्यो ओलंपिक पर उसकी नजर है और उसका सपना है कि वह ओलंपिक में देश के लिए मेडल जीतकर लाए।
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