बेटियां मां को विदाई देते-देते पत्थर हो गईं। रो-रोकर बेहाल हुई बेटियों को देख पूरा शहर रोया। महिला पार्षद की अंतिम विदाई की गमगीन तस्वीरें।
विज्ञापन
मां की अंतिम विदाई, पथरा गई बेटियां और रोया शहर
2 of 8
हर आंख नम थी। सभी को एक ही गम कि उनकी चहेती और इलाके की महिला पार्षद उनसे दूर जा चुकी थी। वार्ड नंबर-29 की पार्षद अमतेश्वर कौर को सेक्टर-57 के श्मशानघाट पर अंतिम विदाई दी गई।
विज्ञापन
मां की अंतिम विदाई, पथरा गई बेटियां और रोया शहर
3 of 8
अमतेश्वर कौर को उनके पति अमरजीत सिंह ने चिता को मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार में शहर के कई नामी लोग, राजनीतिक हस्तियां, पुलिस व प्रशासन के आला अधिकारी पहुंचे थे।
मां की अंतिम विदाई, पथरा गई बेटियां और रोया शहर
4 of 8
अमतेश्वर कौर को शुक्रवार शाम को पंचकूला रिश्तेदारी में जाते समय कार में हार्ट अटैक आ गया था। इससे उनकी मौत हो गई थी। हालांकि शुक्रवार सुबह ही उनके सारे रूटीन टेस्ट हुए थे। इनमें सब कुछ नार्मल आया था, लेकिन शाम को उनकी अचानक तबीयत बिगड़ी थी।
विज्ञापन
मां की अंतिम विदाई, पथरा गई बेटियां और रोया शहर
5 of 8
अमतेश्वर कौर काफी समय से दिल की मरीज थी और उनको पीस मेकर लगा हुआ था। वह अपने पीछे पति व दो बेटियां छोड़ गई हैं। अंतिम संस्कार के दौरान बेटियां का रो-रोकर बुरा हाल था। 22 मार्च को ही अमतेश्वर कौर ने बेटी की शादी की थी।
विज्ञापन
मां की अंतिम विदाई, पथरा गई बेटियां और रोया शहर
6 of 8
अमतेश्वर कौर ने लोगों को तंबाकू के कुप्रभावों से बचाने के लिए जेनरेशन सेवियर नाम से एक संस्था 1996 में बनाई थी। संस्था कई सालों से काम कर रही है।
विज्ञापन
मां की अंतिम विदाई, पथरा गई बेटियां और रोया शहर
7 of 8
हाल ही में हुए स्थानीय निकाय चुनावों में अमतेश्वर कौर की संस्था ने ही
निर्वाचन आयोग को पोलिंग स्टेशनों को स्मोक फ्री घोषित बनाने की अपील की
थी, जिसके बाद निर्वाचन आयोग ने यह सारी प्रक्रिया की थी।
अमतेश्वर कौर आजाद ग्रुप से इस बार चुनाव मैदान में उतरी थी। उन्होंने चुनाव में मात्र तीन वोटों से विजय हासिल की थी। वह तीसरी बार लगातार पार्षद बनी थी। वहीं, नगर निगम मेयर की सीट महिला के लिए रिजर्व होने पर मेयर पद की दौड़ में भी वह शामिल थीं। उन्होंने लॉ की हुई थी।